मधुमेह (Diabetes) के लक्षण, कारण एवम घरेलु उपचार क्या है? - HINDI WEB BOOK

मधुमेह (Diabetes) के लक्षण, कारण एवम घरेलु उपचार क्या है?

मधुमेह (Diabetes) के लक्षण, कारण एवम घरेलु उपचार क्या है?

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मधुमेह (Diabetes) के लक्षण, कारण एवम घरेलु उपचार क्या है? मधुमेह (Diabetes) एक गंभीर बीमारी है जिससे रक्त में शर्करा (Sugar) का स्तर और ग्लूकोज (Glucose) बहुत अधिक हो जाता है। ग्लूकोज के मुख्य स्रोत उन खाद्य पदार्थों से हैं जिनका आप उपभोग करते हैं। इंसुलिन हमारे शरीर में बनने वाला एक मौलिक हार्मोन है जो ग्लूकोज को कोशिकाओं में जाने और ऊर्जा प्रदान करने में मदद करता है।
 
Diabetes आज के समय में सबसे सामान्य स्वास्थ्य जटिलताओं में से एक है, जो कि हर उम्र के लोगो में इसके लक्ष्ण पाये जाने लगे है और समय के साथ इसकी गंभीरता बढ़ती जा रही है। डायबिटीज से शरीर में रक्त के अंदर शुगर का स्तर सामान्य स्तर से बढ़ना कई गंभीर समस्याएं को आमंत्रण देता है। 
 
मधुमेह (Diabetes) के लक्षण, कारण एवम घरेलु उपचार क्या है?
 

W.H.O, A.D.A. I.D.A. के आंकड़ों के अनुसार भारत में वर्तमान में चार में से एक व्यक्ति डायबिटिक या प्रीडायबिटिक है 2025 तक यह आंकड़ा तीन में से एक होगा और 2040 तक यह आंकड़ा दो में से एक व्यक्ति डायबिटिक होगा।

मधुमेह क्या है? What is Diabetes in Hindi? 

मधुमेह क्या है? मधुमेह के मूल दो प्रकार हैं टाइप 1 और टाइप 2 मधुमेह। जहाँ टाइप 1 मधुमेह में शरीर इंसुलिन वितरित नहीं कर सकता है। वही टाइप 2 मधुमेह के साथ शरीर इंसुलिन का उत्पादन और उपयोग करने में सक्षम नहीं होता है। इंसुलिन की कमी से, ग्लूकोज रक्त में रहता है और रक्त शर्करा (Blood Sugar) का स्तर बढ़ जाता है। डायबिटीज आंखों, नसों और किडनी, दिल की बीमारी और स्ट्रोक को भी नुकसान पहुंचा सकती है।

मधुमेह होने के क्या कारण हैं? What are the causes of having diabetes?

  • धूम्रपान
  • तनाव
  • बहुत कम या बहुत ज्यादा सोना
  • शारीरिक गतिविधि का अभाव
  • मोटापा
  • प्यास और भूख में वृद्धि
  • मुंह में सूखापन
  • बार-बार पेशाब करने की इच्छा होना
  • अचानक वजन कम होना
  • कमजोरी और थकान
  • अस्पष्ट दृष्टि
  • सिर दर्द

डायबिटीज के घरेलु उपचार क्या है? What are the home remedies for diabetes?

  • मुट्ठी भर अलसी खाएं क्योंकि यह ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रण में रखने में बहुत फायदेमंद है।
  • ब्रोकोली, वर्दांत साग, फूलगोभी और बिना रूट की सब्जियों को अधिक मात्रा में खाएं जो कैलोरी में कम और फाइबर और पूरक आहार में उच्च हैं।
  • नाश्ते, दोपहर के भोजन और रात के खाने के लिए जटिल कार्बोहाइड्रेट खाने की कोशिश करें।
  • शर्करा (Sugar) युक्त पेय, परिष्कृत खाद्य पदार्थ, मिठाई आदि से बचें क्योंकि ये शरीर में रक्त शर्करा (Blood Sugar) को बढ़ा सकते हैं।
मधुमेह (Diabetes) के लक्षण, कारण एवम घरेलु उपचार क्या है?

 

मधुमेह के लिए आयुर्वेदिक उपचार क्या है? What is ayurvedic treatment for diabetes?

 

  • करेला का सेवन 

करेला शरीर में हाइपरग्लाइसेमिया (चीनी के स्तर में वृद्धि) को कम कर सकता है क्योंकि यह मुख्य रूप से इंसुलिन-पॉलीपेप्टाइड-पी में समृद्ध हैं। करेला में चार असाधारण मौलिक मिश्रण होते हैं जिन्हें चारैटिन और मोमोर्डिसिन कहा जाता है, जो ग्लूकोज के स्तर को नीचे लाने में अति महत्वपूर्ण भूमिका को निभाते हैं।

कैसे इस्तेमाल करे

सप्ताह में एक बार इसका पकी हुई सब्जी के रूप में सेवन जरूर करें। करेला को काटें और इसके टिशू को निकाल दें, फिर Mixture Grinder से इसका रस निकाल ले और इसे हर सुबह खाली पेट पिएं।

  • मेथी का सेवन करे 

मेथी ग्लूकोज सहिष्णुता को कम करने, रक्त शर्करा के स्तर को कम करने, मधुमेह को नियंत्रित करने और ग्लूकोज पर निर्भर इंसुलिन के स्राव को प्रोत्साहित करने में मदद करती है। 

कैसे इस्तेमाल करे

2 चम्मच मेथी के बीजों को रात भर पानी में भिगो दें और उस पानी को रोजाना सुबह खाली पेट पियें। बीज का चूर्ण गर्म या ठंडे पानी या दूध के साथ लें।

  • आम के पत्ते 

ताजा आम के पत्ते मधुमेह के इलाज और इसे Control करने के लिए एक सहायक उपाय है।

कैसे इस्तेमाल करे

आम के पत्तों को धोकर सुखा लें और पीस लें। रोजाना सुबह और रात को पानी के साथ पाउडर लें। या ताजे आम के पत्तो को उबालकर रात भर ठंडा होने के लिए छोड़ दिया गया है, फिर सुबह-सुबह खाली पेट पिये।

  • आंवला का सेवन  

भारतीय आंवला आपके अग्न्याशय को अधिकतम इंसुलिन का उत्पादन करने में मदद करता है, ताकि रक्त शर्करा (Blood Sugar) का स्तर संतुलित रहे और यह विटामिन सी के सबसे समृद्ध स्रोतों में से एक है।

कैसे इस्तेमाल करे

बीजों को निकालकर 2-3 आंवले को बारीक पीसकर रस निकाल लें। रस (लगभग 2 tbsp) को पानी के कप में मिलाएं और इसे रोज सुबह खाली पेट पिएं। या 1 बड़ा चम्मच आंवले का रस और 1 कप करेले के रस को मिलाकर रोजाना पियें। प्रतिदिन कच्चा आंवला खाएं।

मधुमेह (Diabetes) के लक्षण, कारण एवम घरेलु उपचार क्या है?
  • सहजन के पत्ते या मोरिंगा लीव्स

सहजन की पत्तियों को रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखने की अपनी क्षमता के लिए जाना जाता है। पत्तियों में पोषक तत्व होते हैं जो शरीर में इंसुलिन के स्राव को बढ़ाते हैं।

कैसे इस्तेमाल करे

अपने भोजन में ताज़े सहजन के 50 ग्राम पत्ते शामिल करें। या तो सलाद या फिर भाप में पकाकर खाने में मिलाएं।

  • सनलाइट में बैठे 

कम विटामिन डी स्तर को मधुमेह और इंसुलिन प्रतिरोध से जोड़ा गया है। अध्ययनों में पाया गया है कि विटामिन डी इंसुलिन के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विटामिन डी का स्तर जितना कम होगा, आपको टाइप 2 डायबिटीज होने की आशंका उतनी ही अधिक होगी।

क्या करें

रोजाना 30 मिनट तक विटामिन डी की कमी से बचने के लिए खुद को धूप में रखें। संतरे का रस, सोया दूध, पनीर, दही और अनाज जैसे खाद्य पदार्थ आपके दैनिक आहार में शामिल होने चाहिए क्योंकि वे विटामिन डी से भरपूर होते हैं।

  • पानी का इस्तेमाल करे 

मधुमेह वाले लोगों को निर्जलीकरण का खतरा होता है। गुर्दे शरीर से मूत्र के रूप में ग्लूकोज को बाहर निकालने की कोशिश करेंगे, और यह पानी के द्वारा ही संभव है। इसलिए आपको अपने आप को हाइड्रेटेड रखने के लिए अधिक तरल पदार्थ पीने चाहिए। इसलिए प्यास मधुमेह के मुख्य लक्षणों में से एक है।

कैसे इस्तेमाल करे

एक दिन में कम से कम 2.5 लीटर पानी पिएं।

  • एलोविरा का सेवन 

टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों के लिए एलोवेरा जूस या जेल का सेवन करने से ग्लूकोज के स्तर में गिरावट देखी गई है।

कैसे सेवन करें

एक एलोवेरा पत्ती और रस के जेल को एक जार में निचोड़ें। इसे घोलने के लिए पानी डालें। बेहतर स्वाद के लिए, शहद या नींबू का रस डालें। इसका रोज सेवन Diabetes को कम करने साहयक होता हैं।

  • अदरक का सेवन 

अदरक एक अच्छा ग्लूकोज लेवल कम करने वाला सुपर फूड है। अदरक का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल 35% तक कम हो जाता है, साथ ही इंसुलिन का उत्पादन 10% तक बढ़ जाता है।

कैसे सेवन करें

एक अदरक की जड़ को छीलें, स्लाइस करें और एक कप में रखें। इसमें उबलता पानी डालें। आप मिठास जोड़ने के लिए शहद डाल सकते हैं। रोजाना इसकी चाय पीएं।

  • आयुध पाउडर: धनिया, सौंफ, मूंगफली के बीज, मेथी, जीरा 

हल्दी पाउडर के साथ धनिया, मेथी, सौंफ, और जीरा का आयुर्वेदिक मिश्रण रक्त शर्करा को कम करने और इंसुलिन के सामान्य उत्पादन को बहाल करने में मदद कर सकता है।

कैसे सेवन करें

प्रत्येक बीज का 1 चम्मच और हल्दी पाउडर का 1 चम्मच लें। एक या 2 मिनट के लिए फ्राइंग पैन में मेथी के बीज भूनें और एक तरफ सेट करें। जीरा, सौंफ, और धनिया बीज को एक साथ भूनें। एक ब्लेंडर में सभी अवयवों को एक साथ पीस लें और हल्दी पाउडर डालें। एक चम्मच पाउडर लें और एक गिलास पानी में मिलाएं। नाश्ते और रात के खाने से पहले दिन में दो बार पिएं।

अंत में निष्कर्ष 

Diabetes एक घातक बीमारी है, जो धीरे धीरे शरीर में घर बना लेती है और साथ ही अन्य बीमारियों को भी जन्म दे देती है। आप इस लेख “मधुमेह (Diabetes) के लक्षण, कारण एवम घरेलु उपचार क्या है?” से अब अपनी समस्याओं को अलविदा कहने का समय आ गया है। आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों इस समस्या से निपटने का एक सर्वोत्तम तरीका है, जो सिद्ध प्रभावशीलता है मधुमेह (Diabetes) को ख़त्म करने में।

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