मनरेगा योजना क्या है? What is MGNREGA Scheme in Hindi - HINDI WEB BOOK

मनरेगा योजना क्या है? What is MGNREGA Scheme in Hindi

मनरेगा योजना क्या है? What is MGNREGA Scheme in Hindi

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भारत सरकार ने देश के गरीबो और कुशल लोगो के लिये कम से कम 100 दिनों के सुनिश्चित रोजगार को प्रदान करने के उद्देश्य से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की शुरुआत की थी। जिसका प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण इलाको में रह रहे गरीबों की आजीविका को सुरक्षा देने के उद्देश्य से उनके रोजगार के माध्यम को बढ़ाना है।

मनरेगा योजना विश्व की एकमात्र पहली ऐसी योजना है जो ग्रामीण क्षेत्रों में 100 दिन के रोजगार की गारंटी देती है। इस योजना के सञ्चालन के लिए केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में 61,500 करोड़ रुपए आबंटित किये थे। आज देश के गरीब और बेरोजगार परिवार अपनी आजीविका को चलाने के लिए इस योजना का लाभ उठा रहे है। मनरेगा योजना के तहत कमजोर आय वर्ग के लोगों को उनके ग्राम पंचायत के माध्यम से रोजगार दिया जाता है। 

मनरेगा योजना क्या है
 
इस योजना को 2 ऑक्टूबर 2005 को पारित किया गया था। भारत में सबसे पहले इसकी शुरुआत 2 फरवरी 2006 को आंध्र प्रदेश के बांदावाली जिले के अनंतपुर नामक गाँव से हुई थी। इस योजना को शुरुवात में लगभग 200 जिलों के लिये लागू किया गया था, लेकिन इसके बाद इसे 1 अप्रेल 2008 से पूरे भारत में लागू कर दिया गया था।
 

मनरेगा योजना क्या है?- What is MGNREGA scheme in hindi

MAHATMA GANDHI NATIONAL RURAL EMPLOYMENT GUARANTEE ACT यानिकि मनरेगा, दोस्तों हम यह जानते है की भारत में रहने वाली अधिकांश जनसंख्या देश के ग्रामीण इलाकों में ही निवास करती है। ग्रामीण इलाकों में पर्याप्त सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें रोजगार के सुअवसर प्राप्त नहीं होते है, इसी कारण से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग रोजगार की तलाश में शहरो की ओर पलायन कर रहे है। भारत सरकार ने इसी पलायन को रोकने के लिए ग्रामीण क्षेत्रो में ही लोगो को रोजगार प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसी योजना को सफल बनाने के माध्यम से ही सरकार ने मनरेगा योजना को शुरू किया है।
 
 

केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई यह एक ऐसी योजना हैं, जिसके द्वारा गावों का विकास और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिये रोजगार के सुनिश्चित अवसर प्रदान किये जाते है। इसके अतिरिक्त इस मनरेगा योजना के माध्यम से सरकार सभी ग्रामीण इलाको को शहरो के सामान ही सुख-सुविधाये उपलब्ध कराती है, जिससे ग्रामीणों इलाको से हो रहे पलायन को रोका जा सके। यह दुनिया की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने वाली योजना है। मनरेगा योजना प्रत्येक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिन का रोजगार प्रदान करती है। यह दुनिया की एकमात्र ऐसी योजना है, जो रोजगार की पूरी गारंटी देती है। इस योजना के तहत नौकरी न मिलने पर लाभार्थी बेरोजगारी भत्ते का दावा भी कर सकते हैं।

मनरेगा योजना का पूरा नाम क्या है? – What is the full name of MNREGA scheme?

मनरेगा का पूरा नाम महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारण्टी योजना है – MAHATMA GANDHI NATIONAL RURAL EMPLOYMENT GUARANTEE ACT 2005, वहीं इस योजना को इससे पहले राष्ट्रीय रोजगार गारण्टी योजना (एनआरईजीए) नरेगा के नाम से जाना जाता था। लेकिन अब इस योजना को मनरेगा योजना के नाम से जाना जाता है।

NREGA ( National Rular Employment Gurantee Act ) इसका पूरा नाम राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम है, लेकिन वर्तमान समय में इसका नाम NREGA से MGNREGA कर दिया गया है। यह नाम 2 – अक्टूबर 2009 को बदला गया था। अब इसका पूरा नाम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम  है। इसकी आधिकारिक वेबसाइट: nrega.nic.in है।

मनरेगा योजना के अंतर्गत आने वाले कार्य – Works covered under MNREGA scheme

इस योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के कार्य को कराया जाता है, जिसमे से कुछ प्रमुख कार्य इस प्रकार से है।

  • जल संरक्षण करना 
  • सूखे की रोकथाम के अंतर्गत वृक्षारोपण
  • बाढ़ नियंत्रण
  • भूमि विकास
  • विभिन्न तरह के आवास निर्माण
  • लघु सिंचाई
  • बागवानी
  • ग्रामीण सम्पर्क मार्ग निर्माण

कोई भी ऐसा कार्य जिसे केन्द्र सरकार राज्य सरकारों से सलाह लेकर अधिसूचित करती है।

मनरेगा योजना से लाभ – Benefits of MNREGA Scheme

मनरेगा योजना के जरिये ग्रामीण लोगों को उनके ही परिवेश में रोजगार प्राप्त हो जाता है।

  • केंद्र सरकार ने इस योजना के द्वारा 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी है।
  • छत्तीसगढ़ राज्य में मनरेगा योजना के अंतर्गत 100 दिनों के कार्य को बढ़ाकर 150 दिन की रोजगार गारंटी कर दी है। इसमें 50 दिन के कार्य का व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा।
  • इस योजना में परिवार के वयस्क सदस्य द्वारा आवेदन किया जाता है, तथा आवेदन होने के 15 दिन के भीतर ही उसे रोजगार प्रदान किया जाता है।
  • यदि किसी कारणवश सरकार आवेदन के 15 दिन के अंदर रोजगार प्राप्त नहीं करा पाती, तो उसे बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है, जो पहले 30 दिन का एक चौथाई होता है।
  • इस योजना में मजदूरी का भुगतान बैंक या डाकघर के माध्यम से किया जाता है, आवश्यकता पड़ने पर नगद भुगतान की व्यस्था विशेष अनुमति लेकर की जा सकती है।

मनरेगा अधिनियम 2005 क्या है – What is MNREGA Act 2005

राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 (या, NREGA 42 जिसे बाद में “महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम” MGNREGA के नाम से बदल दिया गया), एक भारतीय श्रम कानून और सामाजिक सुरक्षा उपाय है जिसका उद्देश्य’ रोजगार की गारंटी को देना है।
MGNREGA योजना का मुख्य लक्ष्य भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार की गारंटी को बढ़ाना है और एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों के लिए हर परिवार को की रोज़गार प्रदान करना हैं।
मनरेगा योजना क्या है
MGNREGA अधिनियम सबसे पहली बार P.V Narshima सरकार द्वारा 1991 में प्रस्तावित किया गया था। लेकिन इसे 2006 में इसे संसद में स्वीकार किया गया और भारत के 625 जिलों में इसे लागु किया गया। इसके मनरेगा योजना के अनुभव के आधार पर, NREGA को 1 अप्रैल, 2008 से भारत के सभी जिलों में शामिल करने के लिए तैयार किया गया।
MGNREGA क़ानून को सरकार द्वारा “दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे महत्वाकांक्षी सामाजिक सुरक्षा और सार्वजनिक कार्य कार्यक्रम” कहा जाता है। विकास रिपोर्ट 2014, विश्व बैंक ने इसे “ग्रामीण विकास का तारकीय उदाहरण” कहा। मनरेगा को “एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों की गारंटीकृत मजदूरी रोजगार प्रदान करके ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।”
मनरेगा का एक और उद्देश्य है टिकाऊ संपत्तियां (जैसे सड़कों, नहरों, तालाबों, कुओं) का निर्माण करें आवेदक के निवास के 5 किमी के भीतर रोजगार उपलब्ध कराया जाना है, और न्यूनतम मजदूरी का भुगतान करना है। यदि आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर काम नहीं किया गया है, तो आवेदक बेरोजगारी भत्ता के हकदार हैं। इस प्रकार, मनरेगा के तहत रोजगार एक कानूनी हकदार है।
मनरेगा को मुख्य रूप से ग्राम पंचायत (जीपी) द्वारा लागू किया जाना है। ठेकेदारों की भागीदारी प्रतिबंधित है। जल संचयन, सूखा राहत और बाढ़ नियंत्रण के लिए आधारभूत संरचना बनाने जैसे श्रम-गहन कार्यों को प्राथमिकता दी जाती है।
आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने और ग्रामीण संपत्तियों को बनाने के अलावा, एनआरईजीए पर्यावरण की रक्षा, ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने, ग्रामीण शहरी प्रवास को कम करने और सामाजिक इक्विटी को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है।

मनरेगा योजना में मजदूरी कितनी मिलती है? – How much wages are given under MNREGA scheme?

भारत के विभिन्न राज्यों में मनरेगा में  प्रदान की जाने वाली मजदूरी की पूरी सूची इस प्रकार है-

राज्य  मजदूरी (रुपए प्रतिदिन)
आंध्र प्रदेश  205
अरुणाचल प्रदेश  177
असम  189
बिहार  168
छत्तीसगढ़  174
गोवा  254
गुजरात  194
हरियाणा  281
हिमाचल प्रदेश  184 (गैर अनुसूचित क्षेत्र)
हिमाचल प्रदेश  230 (अनुसूचित क्षेत्र)
जम्मू कश्मीर  186
झारखण्ड  168
कर्नाटक  249
केरल  271
महाराष्ट्र  203
मणिपुर  209
मेघालय  181
मिजोरम  194
नागालैंड  177
ओडिशा  182
पंजाब  240
राजस्थान  192
सिक्किम  177
मध्य प्रदेश  174
तमिलनाडु  224
तेलंगाना  205
त्रिपुरा  177
उत्तर प्रदेश  175
उत्तराखंड  175
पश्चिमी बंगाल  191
अंडमान और निकोबार  250 (अंडमान जिला)
अंडमान और निकोबार  264 (निकोबार जिला)
चंडीगढ़  273
दादरा और नागर हवेली  220
दमन और दीव  197
लक्ष्यद्वीप  248
पंडूचेरी  224

मनरेगा योजना का उद्देश्य – Objective of MNREGA Scheme

मनरेगा योजना के अनुसार मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं-

  • इसका योजना के द्वारा ग्रामीण लोगो को हर साल 100 दिनों के रोजगार को उपलब्ध कराना है, ताकि ग्रामीण श्रमिक अपना घर चला सकें।
  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है, कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पास आजीविका चलाने का स्रोत हो।
  • गरीबो की आजीविका को मजबूत करना तथा उन्हें संसाधनो को उपलब्ध करना।
  • मनरेगा का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्ग को सशक्त करना है।
  • इस योजना के तहत पूरे भारत में पंचायती राज जैसे प्रतिष्ठानों को मजबूत करना है।

मनरेगा योजना की उपलब्धियां – Achievements of MNREGA Scheme

इस योजना की स्थापना के बाद से, MGNREGA 100 दिनों के लिए पुरे भारत में गरीबी से जूझ रहे लोगों को रोजगार देकर उनकी मदद करता है। 

  • यह दुनिया की सबसे बड़ी सामाजिक कल्याण योजना है, और इस योजना में पहले 10 वर्षों के अंतर्गत 3.14 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।
  • इस योजना ने भारत में गरीबी के स्तर को काफी कम कर दिया है। इसलिए, इसे विश्व विकास रिपोर्ट के आधार पर ग्रामीण विकास का एक अद्भुत उदाहरण कहा जाता है।
  • इसने ग्रामीण क्षेत्रों की कई महिलाओं को आजीविका कमाने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक सुरक्षा हासिल करने में काफी मदद की है।
  • इस योजना में 18-30 वर्ष की आयु वर्ग के बेरोजगार युवाओं को हर वर्ष 100 दिन का रोजगार मिला है।
  • यह योजना में स्वच्छ पेयजल जैसी जरुरी सुविधाएं के साथ सभी श्रमिकों को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करती है।
  • इस योजना ने विशेषकर अनुसूचित जातियों (SCs) और अनुसूचित जनजातियों (STs) के उत्थान में मदद की है।

अंत में निष्कर्ष 

हम आशा करते है, कि आपको इस लेख के माध्यम से आपको मनरेगा योजना MGNREGA SCHEME के बारे में काफ़ी जानकारी मिल गई होगी। अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो कमेंट बॉक्स में लिखकर हमें जरूर बतायें और इस जानकारी को अपने दोस्तों और सोशल मिडिया प्लेटफॉर्म पर जरूर शेयर करें ताकि यह जानकारी अधिक से अधिक लोगो को लाभ पहुंचा सके। अपना धन्यबाद !

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