सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम से खरीदे सोना वो बाजार से कम कीमत पर। - HINDI WEB BOOK

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम से खरीदे सोना वो बाजार से कम कीमत पर।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम से खरीदे सोना वो बाजार से कम कीमत पर।

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सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम, भारत सरकार द्वारा चलाई गई गोल्ड में निवेश करने वाली एक योजना है, जिसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के माध्यम से जारी किया जाता है। भारत सरकार द्वारा इस योजना को लागु करने का मुख्य कारण देश में सोने की फिजिकल डिमांड को कंट्रोल करना है, जिससे सोने के आयात में कमी आ सके है।  

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम क्या है – What is Sovereign Gold Bond Scheme in hindi

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम भारत सरकार ने क्यों शुरू की, दुनिया में भारत गोल्ड का सबसे बड़ा आयात करने वाला देश है, जो केवल मुख्य रूप से देश में आभूषण उद्योग की मांग को पूरा करता है। भारत में हर साल लगभग 800 से लेकर 900 टन तक गोल्ड का आयात किया जाता है। वाणिज्य मंत्रालय के आकड़ो के अनुसार गोल्ड के आयात से देश के चालू खाता घाटे (CAD) पर इसका असर पड़ता है। जो 2019-20 के वित्तीय वर्ष के दौरान गिरकर 14.23% हो गया था, जो 28.2 बिलियन डॉलर के बराबर था, जबकि साल 2018-19 में 32.91 अरब डॉलर के सोने का आयात किया गया था।   

ये सभी आंकड़े यह बताते हैं, कि भारत सरकार बड़ी मात्रा में अपनी जमा विदेशी मुद्रा का बड़ा हिस्सा सिर्फ सोने के आयात पर ही खर्च करती है। इसलिए भारत सरकार ने ‘सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड’ नामक इस योजना को शुरू किया है, ताकि जमा विदेशी मुद्रा को बचाया जा सके।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के फायदे हैं – Benefits of Sovereign Gold Bond Scheme in hindi 

भारत सरकार द्वारा चलाई गई सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के द्वारा आप अपना पैसा गोल्ड में निवेश कर सकते है, और उस पर मार्केट के अनुसार रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना का प्रमुख उद्देश्य मार्किट से फिजिकल गोल्ड की मांग को कम करना है। यदि आप अपना पैसा गोल्ड में इन्वेस्ट करना चाहते है, तो सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में पैसा लगाने पर आपको गोल्ड के बदले एक बॉन्ड दिया जाता है

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कीमत उस समय के सोने की मार्किट वैल्यू के बराबर ही होती है। इसमें आप अपनी मर्जी और बजट के हिसाब से कुछ ग्राम गोल्ड के बॉन्ड खरीद सकते है, जिसमे वर्तमान गोल्ड की कीमत के अनुसार आपको इन बॉन्ड के पैसे देने होंगे, और जब आप अपने गोल्ड बॉन्ड को बेचना चाहेंगे तो उस समय के गोल्ड की मार्किट वैल्यू के हिसाब से आपको पैसे वापस मिल जाएंगे।

सॉवरेन गोल्ड बांड स्कीम में कौन-कौन निवेश कर सकता है – Who can invest in Sovereign Gold Bond Scheme

किसी भी वयक्ति को सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में निवेश करने के लिये भारत का निवासी होना आवश्यक है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के तहत वह स्वयं के लिए या किसी दूसरे व्यक्ति के साथ मिलकर संयुक्त रूप से भी इस गोल्ड बॉण्ड को खरीद सकता है। इस गोल्ड बांड को आप किसी नाबालिक की और से भी खरीद सकते है।

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि भारत में रहने वाले व्यक्ति को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 की धारा 2 (U) के साथ पढ़ी जाने वाली धारा 2 (V) के तहत परिभाषित किया गया है। इसमें एक विश्वविद्यालय, धर्मार्थ संस्थान या एक बांड धारक के रूप में ट्रस्ट भी हो सकता है। 

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को कहाँ से खरीदे – Where We can Purchase Sovereign Gold Bond Scheme

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम की बिक्री का अधिकार भारत सरकार ने केवल स्टॉक होल्डिंग कंपनी, कोरोप्रतिओन ऑफ इंडिया लिमिटेड, शेड्यूल कमर्शियल बैंक और कुछ डाकघर को ही दिया है। इनके अलावा यह योजना आप Stock Exchange जैसे Bombay Stock Exchange, नेशनल स्टॉक एक्स्चेंज के माध्यम से भी खरीद सकते हैं।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम कब जारी होती है – Sovereign Gold Bond Scheme issueing time 

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम हर साल सरकार द्वारा जारी की जाती हैं, जिसकी Date सरकार द्वारा बताई जाती है। साल 2021 में इसे 6 सीरीज में लॉंच किया जाएगा, जिसकी डेट इस प्रकार है।

पहली सीरीज: इसे 20 अप्रैल से लेकर 24 अप्रैल के बीच खरीद सकते है, इसकी पहली किस्त 28 अप्रैल को जारी की जाएगी।

दूसरी सीरीज: इसे 11 मई से लेकर 15 मई के बीच खरीद सकते है, इसकी पहली किस्त 19 मई को जारी की जाएगी।

तीसरी सीरीज: इसे 8 जून से लेकर 12 के बीच खरीद सकते है, इसकी पहली किस्त 16 जून को जारी की जाएगी।

चौथी सीरीज: इसे 6 जुलाई से लेकर 10 जुलाई के बीच खरीद सकते है, इसकी पहली किस्त 14 जुलाई को जारी की जाएगी।

पांचवीं सीरीज: इसे 3 अगस्त से लेकर 7 अगस्त के बीच खरीद सकते है, इसकी पहली किस्त 11 अगस्त को जारी की जाएगी।

छठी सीरीज: इसे 31 अगस्त से लेकर 4 सितंबर के बीच खरीद सकते है, इसकी पहली किस्त 8 सितंबर को जारी की जाएगी।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में कितना निवेश कर सकते हैं – How much can invest in Sovereign Gold Bond Scheme

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में आप कम से कम 1 ग्राम तक इन्वेस्ट कर सकते हैं, और इसमें निवेश की अधिकतम सीमा 500 ग्राम तक हैं। Online Bond को खरीदने पर आपको प्रति 1 ग्राम के हिसाब से 50 रुपये की छूट मिलती है। इन बॉन्ड की वैल्यू को वर्तमान 999% Pure Gold के अनुसार तय किया जाता है।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना को आप एक उदहारण की सहायता से समझते हैं – You can understand Sovereign Gold Bond Scheme with the help of an example.

मानलीजिए आप 100 यूनिट गोल्ड बांड (100 ग्राम सोना ) खरीदते है, खरीदते समय उस सोने का मार्किट मूल्य 3,000 प्रति ग्राम (30,000 रुपये तोला) है। यानिकि आपने कुल मिला कर 3.0 लाख रुपये इन्वेस्ट किया है।

इसके लिये आपको हर साल 3.0 लाख X 2.5% = 7,500 रुपये का Return (ब्याज) मिलेगा। यानिकि इसके लिये आपको हर 6 महीने में 3,750 रुपये का Return मिलेगा।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में इन्वेस्ट करने के 8 साल बाद, आपको उस गोल्ड बॉन्ड के तत्कालिक मार्किट मूल्य के अनुसार आपको पैसा वापस लौटा दिया जाता है। मान लिजिए 8 साल बाद गोल्ड का मार्किट मूल्य 35,000 रुपये तोला है, तो आपको 100 gram सोने के लिए 100 X 3,500 = 3.5  लाख रुपये मिलेंगे, लकिन अगर उस समय सोने का मूल्य 26,000 रुपये तोला हुआ तो आपको 2.6 लाख रुपये ही मिलेंगे। इसके लिये आपको सोने के दाम में होने वाले उतार चढ़ाव के रिस्क को उठाना पड़ेगा।

गोल्ड बांड बेचने पर आपको कितना टैक्स देना होता है – How Much Tax Do You Have to Pay on Selling Gold Bonds?

गोल्ड बांड के ब्याज पर आपको अपने टैक्स ब्रैकेट के अनुसार ही टैक्स देना पड़ता है। आठ साल बाद गोल्ड बांड के मैच्योर होने पर जब आप इसे सरकार को वापिस देते हैं, तब आपको इसके द्वारा होने वाले मुनाफे पर कोई भी टैक्स नहीं देना पड़ता, जैसे की आपने 3.0 लाख रूपये इन्वेस्ट किया था और आपको 8 साल के बाद 3.5 लाख रुपये वापिस मिलते हैं, तो आपको इस राशि पर कोई भी टैक्स देने की आवश्यकता नहीं है।

लेकिन यदि आप इस गोल्ड बांड को स्टॉक एक्सचेंज पर बेचते हैं, तब आपको इसके लिये टैक्स देना होगा। यदि यह बांड आप 3 साल से पहले बेचते हैं, तो इसके मुनाफे पर आपको अपने टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स देना पड़ेगा। जोकि 20% (indexation के बाद) टैक्स होगा।

सॉवरेन गोल्ड बांड के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य – Some Important Facts About Sovereign Gold Bonds 

  • गोल्ड बांड स्किम के तहत आपको 2.5% प्रति वर्ष के हिसाब से ब्याज मिलता है।

  • इस योजना के तहत आपको कम से कम एक यूनिट (1 gram) खरीदना होगा। 

  • इसमें आप एक 1 वर्ष (अप्रैल से मार्च) में अधिकतम 4 किलो सोने के बराबर (4000 यूनिट) गोल्ड बांड ही खरीद सकते हैं।

  • गोल्ड बांड को भारत सरकार के द्वारा ही जारी किया जाता हैं, इसमें गारंटी भी भारत सरकार की ही होती है, इसलिए इस योजना में आपको अपने पैसे के बारे में चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

  • गोल्ड बांड की एक यूनिट एक ग्राम सोने के बराबर होती है।

  • गोल्ड बांड 8 वर्ष के बाद मेच्योर होता हैं, उसके बाद आपको उस समय के सोने के मार्किट मूल्य के अनुसार आपका पैसा लौटा दिया जाता है।

  • हालांकि गोल्ड बांड के मेच्योर होने की अवधी 8 वर्ष हैं, लेकिन आप इसे पांचवें, छठे और सांतवें वर्ष में भी वापिस देकर अपना पैसा ले सकते हैं।

  • आप अपने गोल्ड बांड को गिरवी रख कर उस पर गोल्ड लोन भी ले सकते हैं।

  • गोल्ड बांड को स्टॉक एक्सचेंज पर भी लिस्ट किया गया है, वहाँ पर से भी आप गोल्ड बांड को खरीद या बेच सकते हैं।

  • वित्त मंत्रालय के अनुसार भौतिक सोने की खरीद के लिए लागू नियम गोल्‍ड बांड की खरीद पर भी लागू होंगे। इसके लिये केवाईसी दस्तावेज जैसे मतदाता आईडी, आधार कार्ड / पैन या टीएएन / पासपोर्ट की आवश्यकता होगी।

अंत में निष्कर्ष 

हमनें इस लेख के माध्यम से आपको “सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम से खरीदे सोना वो बाजार से कम कीमत पर।” के बारें में सम्पूर्ण जानकारी देने प्रयास किया गया है, हमे पूरी उम्मीद है यह जानकारी आपके लिये काफी उपयोगी साबित होगी यदि इस आर्टिकल से सम्बन्धित आपके पास कोई सुझाव हो तो कमेंट बाक्स के माध्यम से आप उसे हम तक पंहुचा सकते है। आप इस जानकारी को अपने दोस्तों और सोशल मिडिया पर जरूर शेयर करे। आपका धन्यवाद!   

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