पेट में गैस की समस्या का ईलाज क्या है और इससे कैसे छुटकारा पाये। - HINDI WEB BOOK

पेट में गैस की समस्या का ईलाज क्या है और इससे कैसे छुटकारा पाये।

पेट में गैस की समस्या का ईलाज क्या है और इससे कैसे छुटकारा पाये।

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पेट में गैस की समस्या का ईलाज क्या है और इससे कैसे छुटकारा पाये। पेट में गैस का बनना आजकल एक सामान्य-सी बात बन गई है। पहले यह समस्या आमतौर पर केवल वयस्कों में ही देखने को मिलती थी और इसका कारण उनकी बढ़ती उम्र के कारण उनका धीमा होता पाचनतंत्र माना जाता था। लेकिन अब यह समस्या वयस्कों के साथ ही कम उम्र के लोगों के लोगो में भी देखने को मिलती पेट में गड़बड़ी के  कारण गैस की समस्या से परेशान रहते है। पिछले कुछ समय से हमारे खान पान और जीवनशैली में हो रहे परिवर्तन के कारण आज ज्यादातर लोगों पेट की समस्या से जूझ रहे है। 

पेट में गैस की समस्या का ईलाज क्या है

आजकल लोगों के पास किताबी ज्ञान तो बहुत है लेकिन उनमे व्यवहारिक ज्ञान का बहुत अधिक अभाव है। यही कारण है कि वे कंप्यूटर पर एक क्लिक करके दुनियाभर की सभी जानकारिया तो जुटा लेते हैं। लेकिन जो सबसे ज्यादा आवश्यक है की अपने शरीर और उसके खान-पान के बारे जो जरुरी ज्ञान उसी पर ध्यान नहीं देते, की  क्या खाना चाहिये और नहीं, यही कारण है की आज लोग कम उम्र में ऐसी समस्याओ से जूझ रहे है। वैसे भी आज की नई जनरेशन केवल स्वाद की दीवानी है, सेहत तो उसके लिए एक सैकंडरी सब्जेक्ट बन गया है।

पेट में गैस की समस्या क्या है? What is Stomach Gas in Hindi?  

यदि आपके मन में यह सवाल उठ रहा है कि आप यह कैसे पता लगाएं की पेट में जो दर्द महसूस हो रहा है उसका मुख्य कारण गैस है तो इसका सार्थक उत्तर यह है कि गैस का दर्द कभी भी पेट में एक स्थान पर नहीं होता है। क्योकि गैस यानी की वायु और वायु की यह प्रकृति होती है कि वह किसी भी एक स्थान पर नहीं ठहरती है। इसीलिये गैस के कारण से होनेवाला दर्द या तो आपको पूरे पेट में महसूस होगा या फिर कभी पेट के एक हिस्से में और कुछ देर बाद पेट के दूसरे हिस्से में महसूस होने लगेगा।

जब हम खाना खाते हैं उस समय हमारी पाचनक्रिया के कारण हाइड्रोजन, कार्बनडाइऑक्साइड और मिथेन गैस का उत्सर्जन होता है जिससे पेट में गैस या एसिडिटी बनने लगती है। जठराग्नि की कमजोरी वात आदि कई रोग होने लगते हैं। मल की अधिकता के कारण शरीर में जठराग्नि कमजोर होने लगती है। तब पाचन क्रिया सही प्रकार से नहीं होने के कारण पेट में बनने वाली अपान और प्राण वायु सुचारु रूप से बहार नहीं निकल पाती है, और गैस की समस्या उत्पन्न हो जाती है। आयुर्वेद पद्धति के अनुसार, वात, पित्त, कफ को संतुलित करके पेट में बन रही गैस की समस्या को ठीक किया जा सकता है।

पेट में गैस बनने के लक्षण क्या है? (Symptom of Stomach Gas in Hindi)

जब भी पेट में गैस बनती है तो आपको पेट में दर्द महसूस होने लगेगा, जो एक सामान्य लक्षण है लेकिन इसके अलावा भी और कई लक्षण है –

  • सुबह पेट का सही तरीके से साफ नहीं होना जिससे पेट फूला हुआ सा प्रतीत होता है।

  • पेट में ऐंठन के साथ हल्के-हल्के दर्द का महसूस होना।

  • चुभन के साथ दर्द तथा कभी-कभी उल्टी का होना।

  • सिर में दर्द रहना भी इसका एक प्रमुख लक्षण हैं।

  • पूरे दिन शरीर में आलस्य बना रहना 

पेट में गैस बनने के कुछ प्रमुख कारण कौन से है? (Reasons of Stomach Gas in Hindi)

आयुर्वेद के अनुसार हमारे शरीर में वात, पित्त एवं कफ इन तीन दोषों के असंतुलन के कारण ही सभी रोगो का जन्म होता हैं, और इसके संतुलित होने पर ही वयक्ति सामान्य अवस्था में रोगरहित रहता है। पेट से सम्बंधित रोगों में वात की सबसे आम समस्या है। अनुचित आहार-विहार ही वात प्रकुपित होकर शरीर में ऐसे अनेक रोगों को जन्म देने लगता है और व्यक्ति को पेट में गैस जैसी समस्या से जूझना पड़ता है। आयुर्वेदीक सिद्धांत के अनुसार वायु के पाँच प्रकार होते – प्राण, उदान, समान, व्यान एवं अपान। पेट में गैस समान एवं अपान वायु के असंतुलन उत्पन्न होती है। जिसके पीछे बहुत सारे कारण होते हैं – 

  • अधिक भोजन करना।

  • पेट में बैक्टीरिया का अधिक मात्रा में उत्पन्न होना।

  • भोजन को ठीक प्रकार से चबाकर नही खाना।

  • पेट में अम्ल (Acid) का निर्माण होना।

  • कभी कभी दूध का सेवन भी पेट में गैस की समस्या का कारण हो सकता है।

  • अधिक मात्रा में शराब का सेवन करना।

  • मानसिक चिंता या स्ट्रेस भी इसका एक कारण है।

  • अत्यधिक दवाओं का सेवन करना।

  • मिठे और सॉरबिटोल से युक्त पदार्थों का अधिक सेवन करना।

  • सुबह का नाश्ता स्किप करना और लम्बे समय तक खाली पेट रहना।

  • जंक फूड या तली-भुनी चीजो का ज्यादा सेवन।

  • बासी भोजन को करना।

  • शारारिक व्यायाम नहीं करना।

  • बीन्स, राजमा, छोले, लोबिया, मोठ और उड़द की दाल का अधिक सेवन करना।

कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते है जिनका सेवन कुछ लोगों के लिये गैस का कारण बन जाता है जबकि कुछ लोगों को उससे गैस की समस्या नहीं होती है जैसे – सेम, गोभी, प्याज, नाशपाती, सेब, आडू, दूध और दूध से बने उत्पाद।

जिन खाद्य पदार्थो में वसा या प्रोटीन की जगह कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है, उनके सेवन से भी ज्यादा गैस बनती है।

वैसे तो भोजन में खाद्य पदार्थो की कटौती की सलाह नहीं दी जाती, क्योंकि उससे हमारा शरीर आवश्यक पोषक तत्वों से वंचित हो सकता हैं, क्योकि, जैसे ही किसी व्यक्ति की उम्र बढ़ती है, उसके शरीर में कुछ एंजाइमों का उत्पादन कम होने लगता है जिससे कुछ खाद्य पदार्थ अधिक गैस बनने का कारण बन जाते है।

अक्सर स्तनपान करने वाले शिशुओं में भी पेट में गैस की समस्या देखी जाती है। इसका कारण स्तनपान कराने वाली माता द्वारा वात को बढ़ाने वाले आहार का सेवन होता है। वही बच्चों में भी वात को बढ़ाने वाले आहार जैसे – फास्ट फूड, जंक फूड का सेवन पेट में गैस की समस्या को बढ़ाता है।

पेट में गैस की समस्या के कुछ घरेलू उपचार क्या है? (What is Home remedies for Stomach Gas)

यदि हम अपने खान पान और साथ ही अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करे तो हम इस समस्या से काफी हद तक छुटकारा पा सकते है, यहाँ कुछ घरेलु उपचार बताये गये है जो पेट की गैस की समस्या में काफी असरदार है।  

  • पेट की गैस में लौंग का प्रयोग 

गैस की समस्या में लौंग का प्रयोग बहुत ही लाभदायक होता है। इसे शहद के साथ लेने से कब्ज की समस्या को भी दूर किया जा सकता है। इसे रोजाना चूसने से पेट ठीक रहता है और गैस नहीं बनती है।

  • पेट की गैस में पुदीने की चाय का प्रयोग 

पुदीने की पत्तियों की चाय बनाकर पीने से गैस की समस्या में राहत मिलती है। इसके साथ ही गैस की वजह से होने वाले पेट दर्द में भी आराम मिलता है। पुदीने की पत्तियों को पानी में उबालकर उसमें टेस्ट के लिए 1 चम्मच शहद मिलाएं और फिर इस चाय को पी लीजिए।

 

  • पेट की गैस में अदरक का प्रयोग 

पेट में गैस की समस्या में अदरक एक सबसे अच्छा घरेलू उपचार है। इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व पाएँ जाते हैं जो पेट में होने वाली कब्ज और घेघा (Esophagus) की समस्या को दूर करने में सहायक होते हैं। आप इसकी चाय बनाकर पी सकते हैं, या फिर इसे नमक के साथ चूस सकते है। 

  • पेट की गैस में काली मिर्च का प्रयोग 

काली मिर्च का प्रयोग पेट में गैस और कब्ज जैसी समस्या में कारगर होता है। यह पेट में आमाशय रस के प्रवाह को बढ़ाता है और भोजन को सही तरह से पाचाने में मदद करती है। पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड की कमी से होने वाले पेट दर्द में भी काली मिर्च आराम पहुँचाती है। इसके चूर्ण को शहद के साथ, गुड़ के साथ या फिर छाछ के साथ इसका सेवन कब्ज और गैस की समस्या को दूर करता है। 

  • पेट की गैस में लहसुन का प्रयोग 

लहसुन की तासीर गर्म होती है जो भोजन को पचाने में मदद करती है तथा यह पेट में गैस के बनने को रोकता है। इसे आप आग में भून कर, इसका जूस बनाकर या इसे भोजन में पकाकर खा सकते हैं। जिन व्यक्तियों को गैस और कब्ज की ज़्यादा समस्या होती है, उन्हें कच्ची लहसुन को प्रयोग करना चाहिए। 

  • पेट की गैस में सरसो का प्रयोग

पीली सरसों में एसिटिक एसिड (Acetic Acid) पाया जाता है जो हमारे पेट की एसिडिटी को कम करता है। पेट की गैस के लिये एक चम्मच पीली सरसों को एक गिलास गर्म पानी के साथ खा लें, इससे आपको पांच से दस मिनट में ही पेट की गैस से राहत मिल जाएगी।

  • पेट की गैस सेब के सिरके का प्रयोग 

सेब का सिरका पेट की गैस की समस्या में बहुत फायदेमंद होता है। सेब के सिरके में मौजूद एंजाइम पाचन को सही करते हैं और शरीर को अल्कलाइज़ (Alkalize) करने में मदद करते हैं जिससे गैस की समस्या दूर हो जाती है। इसे आप एक ग्लास गर्म पानी में दो चम्मच सेब का सिरका मिलाकर पी सकते है। यह पेट को हल्का करता है और इसके साथ ही यह गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भी सुरक्षित होता है।

  • पेट की गैस में बेकिंग सोडा का प्रयोग 

एक ग्लास गर्म पानी में आधा नींबू निचोड़कर मिलाले फिर उसमे एक चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर पी ले इससे आपको गैस की समस्या और दर्द से जल्द आराम मिल जायेगा।

  • पेट की गैस में चारकोल का प्रयोग 

चारकोल पेट की गैस और पेट फूलने की समस्या में काफी कारगर उपाय है। यह आँतों से गैस को दूर करने में मदद करता हैं। भोजन से 2 घंटे पहले या बाद में 500 मिलीग्राम चारकोल का सेवन पेट की गैस में लाभदायक होता हैं। लेकिन इसके बाद एक ग्लास पानी पीना ना भूलें। यह टेबलेट, कैप्सूल और पाउडर के रूप में दुकानों पर आसानी से मिल जाता है। इसका सेवन करने से पहले आप किसी चिकित्सक से परामर्श ज़रूर करले।

  • पेट की गैस में दालचीनी का प्रयोग 

एक कप गर्म दूध में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर को मिलाकर पी जाएँ। आप चाहे तो इसमें शहद भी मिला सकते हैं। या आप दालचीनी की चाय भी बना सकते हैं। एक कप पानी में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाएं या कुछ दालचीनी की स्टिक्स को भी डालकर पांच मिनट तक बलने दें, उसके बाद इसे थोड़ा ठंडा होने के लिए रख दें और फिर इसे पी जाएँ।

  • पेट की गैस में सौफ का प्रयोग 

एक चम्मच सौफ के बीज को ओखली में कूटकर एक कप पानी के साथ बर्तन को ढककर पांच मिनट तक उबलने दें। फिर इस मिश्रण को छानकर पी जाएँ। इस चाय का इस्तेमाल पूरे दिन में एक बार ज़रूर करें। इसके अलावा आप सौफ, दालचीनी और पुदीने की पत्तियों को एक साथ मिलाकर दो कप पानी में उबाल कर उसे छानकर पी जाएँ। यह गैस और अपच को दूर करने में कारगर होगी।

  • पेट की गैस में हींग का प्रयोग 

एक चुटकी हींग को एक ग्लास गर्म पानी में डालकर पी जाएँ। पूरे दिन में इसका उपयोग दो से तीन बार ज़रूर करें। इसके अलावा आप केले के टुकड़े में हींग को रखकर भी खा सकते हैं। इस प्रक्रिया को पूरे दिन में दो बार ज़रूर करे।

  • पेट की गैस में छाछ का प्रयोग 

एक चम्मच अजवाइन और काला नमक को एक कप छाछ में मिलाकर पी जाएँ। इसे पूरे दिन में दो बार ज़रूर पियें। इसके अलावा एक चुटकी अदरक के पाउडर और सेंधा नमक को एक ग्लास छाछ में मिलाकर पी जाएँ। यह गैस की समस्या में मददगार होगा। 

पेट में गैस की समस्या से बचने के लिये किन चीजों से बचना चाहिये? 

आप उन खाद्य पदार्थों को नज़रअंदाज़ करने की कोशिश करें जो आपकी गैस की समस्या को बढ़ाते हैं।

  • तेल और वसायुक्त भोजन ना खाएं।

  • डेरी उत्पादों का सेवन ना करें।

  • एक साथ ज़्यादा भारी खाना खाने की बजाएं पूरे दिन में चार से पांच बार हल्का भोजन करें।

  • खाना धीरे-धीरे तथा खाने को एकदम से ना सटके।

  • धूम्रपान ना करें। इससे आपके अंदर हवा जाने की मात्रा बढ़ती है।

  • अपनी शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाएं जिससे गैस की समस्या रोज़ रोज़ न बने। योग करे जैसे पवनमुक्तासन, पर्वतासन और अधो मुख श्वानासन गैस की समस्या से जल्द राहत दिलाने में मदद करेंगे।

  • सल्फर से भरपूर खाद्य पदार्थो को ना खाएं।

अंत में निष्कर्ष 

हमनें इस लेख के माध्यम से आपको “पेट में गैस की समस्या का ईलाज क्या है, और इससे कैसे छुटकारा पाये।” के बारें में सम्पूर्ण जानकारी देने प्रयास किया गया है, हमे पूरी उम्मीद है यह जानकारी आपके लिये काफी उपयोगी साबित होगी यदि इस आर्टिकल से सम्बन्धित आपके पास कोई सुझाव हो तो कमेंट बाक्स के माध्यम से आप उसे हम तक पंहुचा सकते है। आप इस जानकारी को अपने दोस्तों और सोशल मिडिया पर जरूर शेयर करे। आपका धन्यवाद! 

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