जाने 10 तरीकों से Pigmentation ka Natural Treatment कैसे करे?

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Pigmentation ka Natural Treatment

Pigmentation ka natural treatment घर पर कैसे करे? सभी लोगो की यह खाव्हिश होती है कि उनकी त्वचा चमकदार और खूबसूरत हो, उस पर किसी भी प्रकार का कोई दाग या धब्बा ना हो। लेकिन कभी कभी कुछ शारारिक समस्याओ के कारण हमे त्वचा संबंधित रोगों का सामना करना पड़ता है।

स्किन से संबंधित कई प्रकार की बीमारियां का वर्णन चिकित्सको द्वारा किया जाता है। उन्ही बीमारियों में से एक समस्या है Pigmentation जिसे आमतौर पर झाइयां कहाँ जाता है। यह त्वचा से सम्बंधित होने वाली बीमारियों में एक प्रमुख बीमारी है, जो आमतौर पर हमे देखने को मिल जाती है। 

Pigmentation (झाइयां) की समस्या सामान्य रूप से यह सिर, गाल और आँखों के नीचे होती है। पिग्मेंटेशन के कारण त्वचा का रंग उस जगह से सामान्य रूप से हल्का या फिर गहरा हो जाता है।

Pigmentation की समस्या से कारण हमे काफी शर्म महसूस होती है यहाँ तक की कई बार इस वजह से व्यक्ति के आत्मविश्वास में भी कमी आने लगती है। लेकिन अब आपको इस समस्या से घबराने की कोई जरूरत नहीं है। क्योकि कुछ घरेलु उपचार से भी आप Pigmentation (झाइयों) की समस्या से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं।

Pigmentation (झाइयां) क्या होता है? What is Pigmentation in Hindi?

Pigmentation ka natural treatment, Pigmentation या झाइयाँ हमारी त्वचा में मेलानिन का स्तर बढ़ने के कारण से होता है। मेलानिन नामक तत्व हमारे शरीर में मेलानासाइट्स से बनता है। मेलानिन वह तत्व होता है जो हमारी त्वचा की ऊपरी सतह पर मौजूद रहता है। जिसका मुख्य काम हमारी त्वचा को सूर्य की तेज किरणों से आने वाली अल्ट्रा वॉयलेट तरंगो से बचाना होता है। यह हमारी त्वचा पर एक सुरक्षा कवच के रूप में काम करता है। 

Pigmentation ka Natural Treatment

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लेकिन जब हमारी त्वचा में इन मेलानिन तत्वों की मात्रा अधिक हो जाती है तो यह एक गहरे रंग की त्वचा (Dark skin) या धब्बेदार त्वचा (Patchy skin) की समस्या के रूप में सामने आ जाती है। Pigmentation की समस्या पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक पायी जाती है।

महिलाओं में Pigmentation की समस्या विशेष रूप से 25–50 वर्ष की आयु के दौरान होती है। जहाँ इसका कारण गर्भ निरोधक गोलियों का उपयोग और शरीर में हार्मोनल असंतुलन होता है। 

पिग्मेंटेशन कितने प्रकार का होता है? How many types of Pigmentation?

कभी-कभी Pigmentation की समस्या किसी चोट, घाव या मुहाँसों के बाद भी हो सकती है। जिससे त्वचा का रंग का सामान्य से कुछ गहरा या हल्का हो जाता है। Pigmentation की समस्या को ठीक होने में काफी समय लगता है। Pigmentation मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है-

  1. हाइपरपिग्मेंटेशन (Hyperpigmentaion)
  2. हाइपोपिग्मेंटेशन (Hypopigmentation)
  3. डीपिग्मेंटेशन (Depigmentation)

  • हाइपरपिग्मेंटेशन (Hyperpigmentaion) 

इसमें त्वचा का रंग सामान्य से थोड़ा गहरा हो जाता है। इसमें त्वचा पर झाइयाँ तथा मुहाँसे होने के बाद काले धब्बे पड़ जाते हैं। यह मुख्य रूप से सिर व गालों वाले हिस्से पर होता हैं। 

  • हाइपोपिग्मेंटेशन (Hypopigmentation) 

इसमें त्वचा का रंग सामान्य से हल्का हो जाता है। इसमें यह गंभीर होने पर सफेद दाग का रूप ले लेती है।

Pigmentation ka Natural Treatment

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  • डीपिग्मेंटेशन (Depigmentation)

Depigmentation (अपचयन) में त्वचा का रंग हल्का होना या वर्णक का कम होना होता है। इसमे त्वचा का अपचयन कई स्थानीय और प्रणालीगत स्थितियों के कारण से हो सकता है। जिससे वर्णक की हानि आंशिक (त्वचा को चोट) या पूर्ण (विटिलिगो के कारण) से हो सकती है। यह अस्थायी (टिनिआ वर्सीकोलर से) या स्थायी (ऐल्बिनिज़म से) दोनों तरह से हो सकता है। 

आमतौर पर, इस समस्या में त्वचा का अपचयन विटिलिगो के साथ पैदा हुए लोगों से जुड़ा हुआ होता है, जो हल्के और गहरे रंग की त्वचा के विभिन्न क्षेत्रों का उत्पादन करता है। इसमे मोनोबेंज़ोन भी त्वचा के अपचयन का कारण बनता है।

पिगमेंटेशन के क्या कारण हो सकते है? What are the reasons of Pigmentation?

वैसे तो Pigmentation की समस्या के बारे में कुछ भी पक्के तौर पर नहीं कहाँ जा सकता लेकिन फिर कुछ इसके ज्ञात कारण है जो इस प्रकार हैः-

  • अधिक समय तक धूप में रहने के कारण।
  • पोषक तत्वों का सेवन ना करना।
  • केमिकल से युक्त उत्पादों का लम्बे समय तक त्वचा पर प्रयोग करना।
  • महिलाओं में होने वाले हार्मोनल असंतुलन के कारण।
  • लम्बे समय तक गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करना।
  • अत्यधिक तनावपूर्ण जीवन को जीना।
  • कभी-कभी उम्र बढ़ने के साथ ही चेहरे पर काले धब्बे या झाइयाँ की समस्या हो जाती है।
  • मुहाँसे होने के बाद उनके दाग-धब्बों के कारण भी Pigmentation हो जाता है।
  • महिलाओं में रजोनिवृति (Menopause) के समय (मासिक धर्म बंद होने के पहले) भी Pigmentation की समस्या हो सकती है। 

Pigmentation ka Natural Treatment घर पर कैसे करे?

Pigmentation की समस्या होने पर कभी इसे अनदेखा नहीं करना चाहिये और बिना किसी डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवाई या क्रीम का प्रयोग ना करें। इसके लिये सबसे बेहतर है कि आप पहले कुछ घरेलू उपायो को आजमाएं। यहाँ पर कुछ प्रमुख घरेलू उपायों के बारे में बताया गया हैं –

  1. गाजर का प्रयोग (Carrot: Pigmentation ka Natural Treatment)
  2. आलू का प्रयोग (Potato: Pigmentation ka Natural Treatment)
  3. तुलसी का प्रयोग (Tulsi: Pigmentation ka Natural Treatment)
  4. जैतून के तेल का प्रयोग (Olive Oil: Pigmentation ka Natural Treatment)
  5. नींबू का प्रयोग (Lemon: Pigmentation ka Natural Treatment)
  6. ओटमील का प्रयोग (Oatmeal: Pigmentation ka Natural Treatment)
  7. प्याज का प्रयोग (Onion: Pigmentation ka Natural Treatment)
  8. सरसों का प्रयोग (Mustard: Pigmentation ka Natural Treatment)
  9. एलोवेरा का प्रयोग (Aloe Vera: Pigmentation ka Natural Treatment)
  10. हल्दी का प्रयोग (Turmeric: Pigmentation ka Natural Treatment)

अगर यह समस्या इन उपायों से ठीक नहीं होती है तो उस स्थिति में आप डॉक्टर के पास जाकर इसका इलाज जरूर कराएं। 

Pigmentation ka Natural Treatment

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  • गाजर का प्रयोग (Carrot: Pigmentation ka Natural Treatment in Hindi)

सबसे पहले गाजर को कद्दूकस कर लें, फिर इसमें मुल्तानी मिट्टी को डालकर इसे मिला लें। अब इसमें एक चम्मच नींबू का रस मिलाएँ, फिर इसे त्वचा पर बीस मिनट तक के लिए लगाकर छोड़ दें। ऐसा सप्ताह में एक बार जरूर करें।

  • आलू का प्रयोग (Potato: Pigmentation ka Natural Treatment in Hindi)

आलू का रस निकाल कर उसे Pigmentation (झाइयों) वाली जगह पर लगाएँ, और सूखने पर उसे ठंडे पानी से धो लें। यह आपको Pigmentation से छुटकारा पाने में काफी मदद करेगा।

  • तुलसी का प्रयोग (Tulsi: Pigmentation ka Natural Treatment in Hindi)

इसके लिये 5–7 तुलसी के पत्तों को पीसकर उसमे एक चम्मच नींबू का रस मिलाएँ और फिर इसे त्वचा पर लगाएँ। जब यह ठीक प्रकार से सूख जाए तो चेहरे को ठण्डे पानी से धो लें। यह Pigmentation की समस्या में बहुत लाभदायक होता है। 

  • जैतून के तेल का प्रयोग (Olive Oil: Pigmentation ka Natural Treatment in Hindi)

जैतून के तेल में चीनी को मिलाकर उसे Pigmentation वाली जगह पर 3–4 मिनट तक रगड़ें। उसके बाद इसे ठण्डे पानी से धो लें। यह उपाय काफी लाभदायक है।

  • नींबू का प्रयोग (Lemon: Pigmentation ka Natural Treatment in Hindi)

एक चम्मच नींबू के रस में एक चम्मच शहद और बादाम का तेल डालकर उसे ठीक प्रकार से मिला लें। इसके बाद इस मिश्रण से लगभग 8–10 मिनट तक अपने चेहरे की मालिश करें। फिर इसके सूख जाने पर चेहरे को ठंडे पानी से धो लें।

  • ओटमील का प्रयोग (Oatmeal: Pigmentation ka Natural Treatment in Hindi)

दो चम्मच ओटमील, दो चम्मच टमाटर का रस और उसमे आधा चम्मच दही को डालकर इसे अच्छी प्रकार से मिलाएं। अब इस मिश्रण को Pigmentation वाली त्वचा पर लगाएं। इसके सूखने के बाद इसे धीरे-धीरे पानी के साथ मालिश करते हुए साफ करले। इससे काफी फायदा होगा। 

  • प्याज का प्रयोग (Onion: Pigmentation ka Natural Treatment in Hindi)

लाल प्याज Pigmentation की समस्या में सबसे अधिक लाभदायक होता है। इसके लिये प्याज के एक टुकड़े को काटकर या उसका रस निकालकर Pigmentation (झाइयों) और धब्बों वाली जगह पर लगाएँ। इसे करीब दस मिनट तक रखने के बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लें।

Pigmentation ka Natural Treatment

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  • सरसों का प्रयोग (Mustard: Pigmentation ka Natural Treatment in Hindi)

सरसों और तिल को यवक्षार के साथ पीसकर उसका लेप Pigmentation वाली जगह पर लगाने से कालापन दूर हो जाता है। 

  • एलोवेरा का प्रयोग (Aloe Vera: Pigmentation ka Natural Treatment in Hindi)

एलोवेरा को पिग्मेंटेड त्वचा के लिए एक जादुई औषधि माना जाता है। इसके लिये ताजा एलोवेरा का गूदा निकालकर उसे चेहरे पर 5–7 मिनट तक मालिश करें। फिर उसे सूखने पर ठण्डे पानी से धो लें।

  • हल्दी का प्रयोग (Turmeric: Pigmentation ka Natural Treatment in Hindi)

एक चम्मच हल्दी पाउडर को नींबू के रस में मिलाकर उसे प्रभावित स्थान पर लगाएँँ। फिर 20 मिनट के बाद इसे ठण्डे पानी से धो लें। इस प्रक्रिया को दिन में एक बार जरूर करें।

Pigmentation ka Natural Treatment करते समय खान-पान का ध्यान कैसे रखे? 

Pigmentation की समस्या से निजात पाने के लिये आपका खान-पान ऐसा होना चाहिएः-

  • सूखे मेवों का सेवन जरूर करें, ताकि आपके शरीर को जरूरी खनिज एवं पोषक तत्व मिल सके।
  • फल और सब्जियों का सेवन अधिक से अधिक करें और दिन में कम से कम 7–8 गिलास पानी जरूर पिएँ।
  • पोषक तत्वों एवं एन्टीऑक्सीडेंट्स से युक्त आहार (जैसे- ताजी सब्जियाँ, फल विशेषकर हरी पत्तेदार सब्जियाँ एवं मौसमी फल) का सेवन अवश्य करें।
  • साइट्रस (Citrus) फलों (जैसे संतरा, आँवला आदि) का अधिक सेवन करें। इसमें मौजूद विटामिन सी त्वचा को Pigmentation से बचाता है।

Pigmentation ka Natural Treatment के दौरान आपकी जीवनशैली कैसी होनी चाहिए?  

Pigmentation (झाइयां) के दौरान आपकी जीवनशैली ऐसी होनी चाहिएः-

  • नियमित रूप से प्राणायाम और योग करने से आपकी त्वचा चमकदार एवं निरोगी रहती है।
  • बहुत देर तक धूप में ना बैठें तथा धूप में जाने से पहले उच्च गुणवत्तायुक्त सनक्रीन को जरूर लगाएँ। 

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Pigmentation ka Natural Treatment के दौरान क्या परहेज करें?  

Pigmentation की समस्या में व्यक्ति को इन चीजों से परहेज करना चाहिएः-

  • बासी भोजन और दूषित पानी का सेवन नहीं करना चाहिये।
  • जंकफूड एवं प्रिजरवेटिव युक्त आहार का सेवन ना करें।
  • अधिक मात्रा में चाय, कॉफी आदि का सेवन ना करें।
  • सिगरेट या शराब आदि नशीले पदार्थों का सेवन ना करें।
  • ज्यादा तैलीय और मिर्च-मसाले से युक्त भोजन का सेवन करने से बचे।
  • त्वचा पर केमिकलयुक्त उत्पादों का प्रयोग ना करें। इससे त्वचा में त्वचा में झाइयाँ या धब्बे पड़ सकते हैं तथा त्वचा की प्राकृतिक चमक खत्म हो जाती है।

पिंग्मेंटेशन (झाई) होने पर डॉक्टर से सम्पर्क कब करना चाहिए? When should I consult a doctor for Pigmentation (freckles)?

त्वचा पर किसी भी प्रकार की समस्या कष्टकारक हो सकती है। इसलिये Pigmentation (झाइयां) होने पर हमे इसे नजरअन्दाज नहीं करना चाहिए। क्योकि यह हमारे शरीर में हो रहे पोषक तत्वों की कमी और असंतुलित जीवनशैली के कारण होता है।

हालांकि इसके लक्षण दिखते ही बिना किसी डॉक्टर की सलाह के इसकी दवाइयो को लेना भी आपके लिए काफी हानिकारक हो सकता है, इसलिए इस विषय में किसी योग्य डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें। 

अंत में 

इस आर्टिकल के माध्यम से आप लोगों को “Pigmentation ka Natural Treatment घर पर कैसे करे?” इसकी पूरी जानकारी देने का प्रयास किया गया है। हमे अपने सभी पाठकों से अनुरोध है, की यह जानकारी को आप अधिक से अधिक शेयर करें, जिससे काफी लोग इस जानकारी का लाभ उठा सके।

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