सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम क्या है और इसमे निवेश कैसे करें?

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सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम, भारत सरकार द्वारा चलाई गई गोल्ड में निवेश करने वाली एक योजना है, जिसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के माध्यम से जारी किया जाता है। भारत सरकार द्वारा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम को लागु करने का मुख्य उद्देश्य देश में सोने की फिजिकल डिमांड को कंट्रोल करना है, जिससे सोने के आयात में कमी आ सके है।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम 

Sovereign Gold Bond Scheme in hindi

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम भारत सरकार ने क्यों शुरू की, दुनिया में भारत गोल्ड का सबसे बड़ा आयात करने वाला देश है, जो केवल मुख्य रूप से देश में आभूषण उद्योग की मांग को पूरा करता है। भारत में हर साल लगभग 800 से लेकर 900 टन तक गोल्ड का आयात किया जाता है। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार गोल्ड के आयात से देश के चालू खाता घाटे (CAD) पर इसका असर पड़ता है।   

भारत सरकार बड़ी मात्रा में अपनी जमा विदेशी मुद्रा का बड़ा हिस्सा सिर्फ सोने के आयात पर ही खर्च करती है। इसलिए भारत सरकार ने ‘सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम‘ नामक इस योजना को शुरू किया है, ताकि जमा विदेशी मुद्रा को बचाया जा सके।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के फायदे

Benefits of Sovereign Gold Bond Scheme  

भारत सरकार द्वारा चलाई गई सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के द्वारा आप अपना पैसा गोल्ड में निवेश कर सकते है, और उस पर मार्केट के अनुसार रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना का प्रमुख उद्देश्य मार्किट से फिजिकल गोल्ड की मांग को कम करना है। यदि आप अपना पैसा गोल्ड में इन्वेस्ट करना चाहते है, तो सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में पैसा लगाने पर आपको गोल्ड के बदले एक बॉन्ड दिया जाता है

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सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कीमत उस समय के सोने की मार्किट वैल्यू के बराबर ही होती है। इसमें आप अपनी मर्जी और बजट के हिसाब से कुछ ग्राम गोल्ड के बॉन्ड खरीद सकते है, जिसमे वर्तमान गोल्ड की कीमत के अनुसार आपको इन बॉन्ड के पैसे देने होंगे, और जब आप अपने गोल्ड बॉन्ड को बेचना चाहेंगे तो उस समय के गोल्ड की मार्किट वैल्यू के हिसाब से आपको पैसे वापस मिल जाएंगे।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में निवेश कैसे करें? 

किसी भी वयक्ति को सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में निवेश करने के लिये भारत का निवासी होना आवश्यक है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के तहत वह स्वयं के लिए या किसी दूसरे व्यक्ति के साथ मिलकर संयुक्त रूप से भी इस गोल्ड बॉण्ड को खरीद सकता है। इस गोल्ड बांड को आप किसी नाबालिक की और से भी खरीद सकते है।

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि भारत में रहने वाले व्यक्ति को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 की धारा 2 (U) के साथ पढ़ी जाने वाली धारा 2 (V) के तहत परिभाषित किया गया है। इसमें एक विश्वविद्यालय, धर्मार्थ संस्थान या एक बांड धारक के रूप में ट्रस्ट भी हो सकता है। 

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड कहा से खरीदे

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम की बिक्री का अधिकार भारत सरकार ने केवल स्टॉक होल्डिंग कंपनी, कोरोप्रतिओन ऑफ इंडिया लिमिटेड, शेड्यूल कमर्शियल बैंक और कुछ डाकघर को ही दिया है। इनके अलावा यह योजना आप Stock Exchange जैसे Bombay Stock Exchange, नेशनल स्टॉक एक्स्चेंज के माध्यम से भी खरीद सकते हैं।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड ब्याज दर  

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम हर साल भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी की जाती हैं, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड ब्याज दर वर्तमान में 2.50% है, जो अर्ध-वार्षिक देय है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) को जारी करने की शर्तों के अनुसार, बॉन्ड निवेश करने की प्रारंभिक राशि पर 2.50% प्रति वर्ष की दर से ब्याज वहन करेंगे। हालांकि, यह समय-समय पर परिवर्तन किया जा सकता है।

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सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में कितना निवेश कर सकते है

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में आप कम से कम 1 ग्राम तक इन्वेस्ट कर सकते हैं, और इसमें निवेश की अधिकतम सीमा 500 ग्राम तक हैं। Online Bond को खरीदने पर आपको प्रति 1 ग्राम के हिसाब से 50 रुपये की छूट मिलती है। इन बॉन्ड की वैल्यू को वर्तमान 999% Pure Gold के अनुसार तय किया जाता है।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में निवेश को एक उदहारण से समझे

मानलीजिए आप 100 यूनिट गोल्ड बॉन्ड (100 ग्राम सोना ) खरीदते है, खरीदते समय उस सोने का मार्किट मूल्य 3,000 प्रति ग्राम (30,000 रुपये तोला) है। यानिकि आपने कुल मिला कर 3.0 लाख रुपये इन्वेस्ट किया है।

इसके लिये आपको हर साल 3.0 लाख X 2.5% = 7,500 रुपये का Return (ब्याज) मिलेगा। यानिकि इसके लिये आपको हर 6 महीने में 3,750 रुपये का Return मिलेगा।

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सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में इन्वेस्ट करने के 8 साल बाद, आपको उस गोल्ड बॉन्ड के तत्कालिक मार्किट मूल्य के अनुसार आपको पैसा वापस लौटा दिया जाता है। मान लिजिए 8 साल बाद गोल्ड का मार्किट मूल्य 35,000 रुपये तोला है, तो आपको 100 gram सोने के लिए 100 X 3,500 = 3.5  लाख रुपये मिलेंगे, लकिन अगर उस समय सोने का मूल्य 26,000 रुपये तोला हुआ तो आपको 2.6 लाख रुपये ही मिलेंगे। इसके लिये आपको सोने के दाम में होने वाले उतार चढ़ाव के रिस्क को उठाना पड़ेगा।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड बेचने पर कितना टैक्स देना होता है

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के ब्याज पर आपको अपने टैक्स ब्रैकेट के अनुसार ही टैक्स देना पड़ता है। आठ साल बाद सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के मैच्योर होने पर जब आप इसे सरकार को वापिस देते हैं, तब आपको इसके द्वारा होने वाले मुनाफे पर कोई भी टैक्स नहीं देना पड़ता, जैसे की आपने 3.0 लाख रूपये इन्वेस्ट किया था और आपको 8 साल के बाद 3.5 लाख रुपये वापिस मिलते हैं, तो आपको इस राशि पर कोई भी टैक्स देने की आवश्यकता नहीं है।

लेकिन यदि आप इस सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को स्टॉक एक्सचेंज पर बेचते हैं, तब आपको इसके लिये टैक्स देना होगा। यदि यह गोल्ड बॉन्ड आप 3 साल से पहले बेचते हैं, तो इसके मुनाफे पर आपको अपने टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स देना पड़ेगा। जोकि 20% (indexation के बाद) टैक्स होगा। 

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के महत्वपूर्ण तथ्य 

  • सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के तहत आपको 2.5% प्रति वर्ष के हिसाब से ब्याज मिलता है।
  • इस योजना के तहत आपको कम से कम एक यूनिट (1 gram) खरीदना होगा।
  • इसमें आप एक 1 वर्ष (अप्रैल से मार्च) में अधिकतम 4 किलो सोने के बराबर (4000 यूनिट) गोल्ड बांड ही खरीद सकते हैं।
  • सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम को भारत सरकार के द्वारा ही जारी किया जाता हैं, इसमें गारंटी भी भारत सरकार की ही होती है, इसलिए इस योजना में आपको अपने पैसे के बारे में चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
  • सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की एक यूनिट एक ग्राम सोने के बराबर होती है।
  • सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम 8 वर्ष के बाद मेच्योर होता हैं, उसके बाद आपको उस समय के सोने के मार्किट मूल्य के अनुसार आपका पैसा लौटा दिया जाता है।
  • हालांकि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के मेच्योर होने की अवधी 8 वर्ष हैं, लेकिन आप इसे पांचवें, छठे और सांतवें वर्ष में भी वापिस देकर अपना पैसा ले सकते हैं।
  • आप अपने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को गिरवी रख कर उस पर गोल्ड लोन भी ले सकते हैं।
  • सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को स्टॉक एक्सचेंज पर भी लिस्ट किया गया है, वहाँ पर से भी आप सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को खरीद या बेच सकते हैं।
  • वित्त मंत्रालय के अनुसार भौतिक सोने की खरीद के लिए लागू नियम सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम की खरीद पर भी लागू होंगे। इसके लिये केवाईसी दस्तावेज जैसे मतदाता आईडी, आधार कार्ड/पैन या टीएएन/पासपोर्ट की आवश्यकता होगी।

अंत में  

हमनें इस लेख के माध्यम से आपको “सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम क्या है?” के बारें में सम्पूर्ण जानकारी देने प्रयास किया गया है, हमे पूरी उम्मीद है यह जानकारी आपके लिये काफी उपयोगी साबित होगी। 

यदि इस आर्टिकल से सम्बन्धित आपके पास कोई सुझाव हो तो कमेंट बाक्स के माध्यम से आप उसे हम तक पंहुचा सकते है। आप इस जानकारी को अपने दोस्तों और सोशल मिडिया पर जरूर शेयर करे। आपका धन्यवाद! 

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