इंट्राडे ट्रेडिंग नियम – Rule Book for Intraday Trading in Hindi

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इंट्राडे ट्रेडिंग नियम
इंट्राडे ट्रेडिंग नियम

अगर आप भी स्टॉक मार्केट में निवेश के साथ काफी हद तक सुरक्षा भी चाहते है तो आपको इंट्राडे ट्रेडिंग के बारे में सोचना चाहिए। वैसे इंट्राडे ट्रैडिंग सभी ट्रेडर्स के लिए एक चुनौती की तरह है। लेकिन आप इंट्राडे ट्रेडिंग नियम का पालन करके ट्रेडिंग करते है तो आपको काफी मुनाफा भी हो सकता है।

इंट्राडे ट्रेडिंग नए और अनुभवी दोनों प्रकार के निवेशकों के लिए एक लोकप्रिय ट्रेडिंग टूल की तरह है। यह एक छोटा फॉर्मेट है लेकिन एक दिन में मुनाफा कमाने का सबसे कारगर तरीका हैं। लेकिन आप इंट्राडे ट्रेडिंग नियम का सही तरह से फॉलो नहीं करते तो आपको काफी नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।

इसलिए यह आवश्यक है कि आप इंट्राडे ट्रेडिंग नियम को समझकर ही इंट्राडे ट्रेडिंग शुरू करे। इंट्राडे ट्रेडिंग के नियमों को मार्केट एक्सपर्ट्स ने अपने कई वर्षों के अनुभवों के आधार पर बनाया है। यदि कोई भी निवेशक इन नियमों का पालन करता है तो उसका इंट्राडे ट्रेडिंग आसान और सुरक्षित बन जाता है।

इंट्राडे ट्रेडिंग नियम

इंट्राडे ट्रेडिंग नियम के अनुसार एक निवेशक को एक ही ट्रेडिंग दिन के भीतर वित्तीय साधनों को खरीदने और उन्हे बेचने का दिशानिर्देश होता हैं। इन नियमों के अनुसार एंट्री और एग्जिट पॉइंट को निर्धारित करना, नुकसान को सीमित करना और भावनात्मक निर्णय लेने से बचना प्रमुख है।

निवेशकों को बाजार के रुझान और समाचार पर भी बड़ी बारीकी से नजर रखनी होती है, साथ ही स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करके अपनी स्थिति को नियंत्रित करे जिससे जोखिम कम हो। एक सफल इंट्राडे ट्रेडर्स बनने के लिए आपके पास एक ठोस ट्रेडिंग योजना, अनुशासन के साथ तकनीकी और मौलिक विश्लेषण की गहरी समझ होनी चाहिए।

इंट्राडे ट्रेडिंग नियम
इंट्राडे ट्रेडिंग नियम

इंट्राडे ट्रेडिंग नियम के मुख्य पॉइंट्स 

चूंकि इंट्राडे ट्रेडिंग में एक दिन के कारोबार में बाजार में हो रहे उतार-चढ़ाव से लाभ होता है, इसलिए कुछ इंट्राडे ट्रेडिंग नियम का पालन करना बहुत जरूरी है। इसलिए एक निवेशक के रूप में आपको इन इंट्राडे ट्रैडिंग नियमों का पालन करना चाहिए यदि आप एक स्थिर लाभ की आशा करते हैं।

यहां कुछ शीर्ष इंट्राडे ट्रेडिंग नियम दिए गए हैं जो आपके लिए बहुत लाभदायक होंगे।

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1.) अपनी ट्रेडिंग रणनीतियों के लिए योजना बनाएं

डे ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग में एक बुनियादी अंतर होता है। सबसे पहले आपको उस अंतर को जानना होगा और समझना होगा की उसका कौन सा प्रारूप आपको लिए सबसे अच्छा है। यदि आप डे ट्रेडिंग को चुनते हैं, तो फिर आपको अपनी विस्तृत ट्रेडिंग रणनीतियों के साथ आना होगा।

आपको अपने एंट्री और एग्जिट पॉइंट के लिए इंट्राडे ट्रैडिंग नियम बनाने होंगे, किस प्रकार के शेयरों में निवेश करना है, एक दिन में कितना निवेश करना हैं, उसके लिए योजनाएं बनानी होंगी। आपको अपने पास सभी लाभ और हानियों के विवरण का एक जर्नल रखना चाहिए, जो भविष्य के लिए रणनीतियों को बनाने में मदद करेगा।

2.) डे ट्रेडिंग के लिए सर्वोत्तम स्टॉक को चुने 

सभी स्टॉक इंट्राडे ट्रेडिंग नियम के अनुरूप नहीं होते। दिन के कारोबार के लिए उपयुक्त स्टॉक के कुछ मानदंड होते हैं, जो इसप्रकार हैं:

हाई लिक्विडिटी: यनिकी किसी विशिष्ट स्टॉक को खरीदना और बेचना आसान होता है। इसके साथ उन्हें नकदी में बदलना भी काफी आसान होता है।

नियंत्रित अस्थिरता: अस्थिरता कीमतों में हो रहे बदलाव को मापने का तरीका है, यनिकी किसी स्टॉक में जितने अधिक परिवर्तन होंगे, वह स्टॉक उतना ही अधिक अस्थिर होगा। इसलिए, एक दिन के निवेशक के रूप में ऐसे शेयरों की तलाश करे जो मूल्य निर्धारण के मामले में अधिक स्थिर हों।

एक विशिष्ट क्षेत्र के स्टॉक: इंट्राडे ट्रेडिंग नियम के अनुसार एक दिन के निवेशक को अपने व्यापार क्षेत्र की अन्य क्षेत्र की तुलना में अधिक समझ होनी चाहिए। तब वो अपनी इसी ताकत के बाल पर बेहतर लाभ कमाने के लिए उस क्षेत्र पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकता हैं।

बाजार के पैटर्न के अनुरूप स्टॉक: अक्सर स्टॉक, बाजार के रुझानों के अनुरूप चलते हैं। जो शेयर इन पैटर्न का पालन नहीं करते उनकी तुलना में पैटर्न को फॉलो करने वाले शेयरों में व्यापार करना आसान होता है। एक इंट्राडे ट्रेडर के लिए इन डेली पैटर्न को फॉलो करना होता है और उसी के अनुसार अपनी निवेश रणनीति बनाए।

इंट्राडे ट्रेडिंग नियम
इंट्राडे ट्रेडिंग नियम

3.) दिन के ट्रेंड को फॉलो करें

बाजार पूरे दिन ऊपर – नीचे होता रहता है। इसलिए एक दिन के निवेशक के रूप में, आपको इन बदलावों को समझने और उनके साथ चलने का प्रयास करना चाहिए।

जब बाजार में तेजी हो, तो उस दिन उन शेयरों की तलाश करे जो एक मजबूत तेजी को दिखा रहे हो। इनमें जोखिम की संभावना कम होती है और लाभ की संभावना अधिक होती है।

जब स्थितियां मंदी की ओर जा रही हो, तो गिरावट वाले शेयरों पर ध्यान दे। एक सामान्य इंट्राडे ट्रेडिंग नियम के अनुसार उन शेयरों को कम बेचना है जो बाजार की तुलना में तेजी से गिर रहे हो।

हालांकि, चयनित किए गये शेयरों की बारीकी से निगरानी करे, इससे आपको यह पहचानने में मदद मिलेगी कि किसी स्थिति में कीमतों में बदलाव कब और कितना हो सकता है। उदाहरण के लिए, यदि बाजार अत्यधिक अस्थिर है तो उस समय स्टॉक की गति का अनुमान लगाना कठिन होता है।

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4.) जल्दी मुनाफा बुक करें

इंट्राडे ट्रेडिंग नियम यह कहता है की बाजार का रुझान कभी भी पलट सकता है। एक बार जब मुनाफा जमा हो जाये तो तुरंत उस पोजीशन से जल्दी से बाहर आ जाना चाहिए। कीमतों में उलटफेर होने से पहले निवेशक को यह कार्य करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

यहाँ पर कुछ बुनियादी इंट्राडे ट्रेडिंग नियम दिए गए हैं:

  • लॉन्ग पोजीशन के लिए: पहले से हाई या उससे थोड़ा ऊपर प्रॉफिट बुक करें।
  • शॉर्ट पोजीशन के लिए: एग्जिट के समय पहले से लो या उससे थोड़ा सा नीचे का टारगेट रखें।

5.) एंट्री, एग्जिट और स्टॉप प्राइस के लिए सेटिंग्स

एक निवेशक के रूप में इंट्राडे ट्रेडिंग नियम के अनुसार सबसे महत्वपूर्ण है स्टॉक से एंट्री और एग्जिट के लिए सही प्राइस का चयन करना। इसके साथ संकट की स्थिति से निपटने के लिए एस्केप प्राइस भी निर्धारित करना चाहिए, जो निर्धारित प्राइस लॉस को कम करने में मदद करेगा।

स्पष्ट एंट्री और एग्जिट पॉइंट एक अतिरिक्त लाभ प्रदान करते हैं, क्योंकि यह निवेशकों को बाजारों के समय के हिसाब से उन्हे कोशिश करने से रोकते हैं। यहा पर ध्यान रखें वाली बात यह की कि कोई भी लगातार स्टॉक के टॉप और बॉटम को नहीं पकड़ सकता। इसलिए इंट्राडे ट्रेडिंग नियम के अनुसार मुनाफावसूली करना और घाटे में कटौती करना एक बेहतर विकल्प है।

इंट्राडे ट्रेडिंग नियम
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6.) केवल उस पैसे का निवेश करें जिसे खोने का आपको कोई डर ना हो 

यह बात हमेशा ध्यान में रखे की इंट्राडे ट्रेडिंग एक हाई रिस्क वाला ट्रेडिंग विकल्प है। आपकी एक छोटी सी चूक आपकी सारी निवेश राशि को डुबो सकती है। इसलिए एक दिन के निवेशक के रूप में आपको बहुत सतर्क और हालत पर नजर रखने की जरूरत है। ये सभी तरीके आप अनुभव के साथ सीखते हैं जो आपको के लिए पैसे कमाना बहुत आसान बना देते है।

इसलिए, इंट्राडे ट्रेडिंग नियम के अनुसार आप केवल उसी पैसे का निवेश करें जिसका आपको खोने का कोई डर ना हो। इससे आप तनाव मुक्त होकर बेहतर तरीके से व्यापार कर सकते हैं।

7.) मार्केट ऑर्डर के बजाय लिमिट ऑर्डर के आधार पर निर्णय लें

एक स्मार्ट डे ट्रेडर वही है जो लिमिट डे ट्रेडिंग नियमों के आधार पर खरीदने या बेचने का निर्णय लेता है। क्योंकि जब एक बार लिमिट प्राइस शुरू हो जाता है, आप मार्केट ऑर्डर से प्रभावित हुए बिना लेन-देन करेंगे।

8.) मार्जिन ट्रेडिंग करते समय सबसे खराब स्थिति के बारे में विचार करें

डे ट्रेडर्स, मार्जिन ट्रेडिंग में ट्रेडिंग मूल्य का एक छोटा प्रतिशत ही भुगतान करते हैं, शेष उनका ब्रोकर मार्जिन फंड के माध्यम से इसे कवर करता है। जिससे डे ट्रेडर्स एक बिग स्पेस लेने में सक्षम होता है, जो हाई प्रॉफ़िट क्षमता लाता है लेकिन साथ ही बड़े नुकसान का खतरा भी होता है।

इसलिए, इंट्राडे ट्रेडिंग नियम के अनुसार मार्जिन ट्रेडर्स को सबसे पहले खराब स्थिति पर विचार करना चाहिए। अन्यथा, उसे भारी नुकसान का सामना उठाना पड़ सकता है। इसलिए बड़े व्यापारियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण नियम डे ट्रेडर पैटर्न है और यही नियम छोटे व्यापारियों के लिए भी है।

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9.) निवेश से पहले रिसर्च करें

इंट्राडे ट्रेडिंग में सफलता की कुंजी है कम्प्लीट रिसर्च, एक अनुभवी डे ट्रेडर हमेशा तकनीकी विश्लेषण के साथ ट्रेडिंग से पहले मूल्य चार्ट और संकेतकों का पूर्ण अध्ययन करता है। यही रिसर्च आपको ट्रैडिंग कंपनियों के मूल सिद्धांतों को भी समझने में मदद करेगी।

यदि आप अपने व्यवसाय की एक स्पष्ट तस्वीर चाहते हैं तो कॉर्पोरेट कार्रवाई घोषणाएं और कमाई रिपोर्ट के उपयोगी इनपुट को भी अपनी रिसर्च में शामिल करे। इंट्राडे ट्रेडिंग नियम के अनुसार डे ट्रेडर को समाचारों पर भी कड़ी नजर रखनी चाहिए क्योंकि यह कंपनियों के कुछ क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है। इसके साथ आर्थिक विवरणों जैसे कि देश की ऋण स्थिति या करेंसी मूवमेंट की स्थिति आदि।

10.) भावनाओं को व्यवसाय से अलग रखें

चूंकि इंट्राडे ट्रेडिंग नियम कहता है की इंट्राडे मार्केट बहुत अस्थिर होता है, यहा आप बहुत ही कम समय में बहुत अधिक लाभ या बहुत अधिक हानि का अनुभव कर सकते हैं। इसलिए, आपको डे ट्रेडर के रूप में – अपनी भावनाओं पर पूरा नियंत्रण रखना होगा। क्योंकि आपको मुनाफे से ज्यादा उत्साहित नहीं होना चाहिए और ना ही नुकसान से ज्यादा निराश होना चाहिए।

भावना में आकार किसी तरह के लालच या खोने का डर आपके व्यापार को प्रभावित कर सकता है। क्योंकि भावनाओं में आकार निवेशक आवश्यक सर्वोत्तम निर्णय लेने में अक्सर विफल ही रहता है। इसलिए एक डे ट्रेडर के रूप में आपको बहुत ही सतर्क दिमाग से तुरंत निर्णय लेना की क्षमता होनी चाहिए।

11.) ओवर ट्रेडिंग से बचे 

हो सकता है हमेशा रुझान आपके पूर्वानुमान के अनुरूप ना हो। लेकिन एक अनुभवी डे ट्रेडर को यह पता चल जाएगा कि कब मार्केट निवेश के लिए अनुपयुक्त है और कब आपको व्यापारिक गतिविधि से बचना चाहिए। इंट्राडे ट्रेडिंग नियम कहता है एक समय में केवल कुछ स्क्रिप्स में ट्रेडिंग करना ही डे ट्रेडिंग के लिए सबसे कारगर तरीका है। यदि आप बाजार की प्रतिक्रिया को अनदेखा कर ट्रैडिंग जारी रखते हैं, तो पैसे खोने का एक यह एक निश्चित तरीका है।

12.) अपनी हार और जीत को हमेशा रिकॉर्ड करें

बाजार के अनुरूप अपनी रणनीति को बदलना चाहिए। डे ट्रेडर अपनी ट्रेडिंग प्रॉफ़िट और लॉस के रिकॉर्ड को रखते हैं। उसके बाद उनका डेली या वीकली मूल्यांकन करते है। जिसका लक्ष्य यह पता लगाना है कि योजना के अनुसार क्या हुआ है और क्या नहीं हुआ है। इंट्राडे ट्रेडिंग नियम के अनुसार यह तकनीक आपकी कमियों को पहचानने और भविष्य में ट्रेडों को आसानी से समझने में मदद कर सकती है।

सेबी के नये इंट्राडे ट्रेडिंग नियम

भारत में फाइनेंशियल मार्केट को रेगुलेट करने वाली संस्था सेक्युरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने ट्रेडर के हितों को ध्यान में रखते हुए सेबी ने नये इंट्राडे ट्रेडिंग नियम में उसी दिन ट्रैडर द्वारा अतिरिक्त स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग गतिविधियों के लिए इंट्राडे मुनाफे के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। यनिकी ट्रेडिंग गतिविधियों के लिए आप केवल 2 दिन बाद प्रॉफ़िट का उपयोग कर सकते है। नये नियम में इंट्राडे ट्रेडिंग करने के लिए ट्रेडर्स को न्यूनतम मार्जिन की आवश्यकता को पूरा करना होता है।

सेबी के नये इंट्राडे ट्रेडिंग नियम अल्पावधि में दलालों और निवेशकों को निष्कर्ष निकालने में असुविधा दे सकते हैं, हालांकि ब्रोकर द्वारा प्रचलित रुझानों के साथ यह ट्रैडर को लगभग 100% मार्जिन की पेशकश के साथ इसके परिणामस्वरूप होने वाले जोखिम और नुकसान को कम करने के लिए इन नए नियमों की आवश्यकता हैं। यदि आप इंट्राडे ट्रेडिंग में रुचि रखते हैं, तो वास्तविक ट्रेड को करने से पहले खुद को शिक्षित करे और अपना शोध जरूर करे।

अंत में निष्कर्ष

इंट्राडे ट्रेडिंग लाभ कमाने का एक शानदार मौका प्रदान करता है लेकिन यदि बिना इंट्राडे ट्रेडिंग नियम का पालन किए कोई ट्रेड किया जाए तो यह बड़ा नुकसान भी दे सकता है। इसलिए आपको हमेशा अपने दिमाग में रखना चाहिए कि इंट्राडे सबसे तेज गति वाला ट्रैडिंग है वही यह जोखिम भरा ट्रेडिंग सेगमेंट भी है।

इसमें किसी भी प्रकार का शक नहीं कि जहा इंट्राडे ट्रेडिंग कम समय में अधिक प्रॉफ़िट देने वाला ट्रेड है, वही इसमें सफल होने के ट्रेडर को प्रमुख इंट्राडे ट्रेडिंग नियमों के बारे में अच्छी समझ होना बहुत आवश्यक है। यदि कोई ट्रेडर, इंट्राडे ट्रेडिंग करने से पहले इन इंट्राडे ट्रेडिंग नियम को अपनाता है तो निश्चित रूप से उसके प्रॉफ़िट बनाने की संभावना काफी बढ़ जाएगी।

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