LED बल्ब में कौन सी गैस भरी जाती हैं? जिससे रौशनी पैदा होती है।

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LED बल्ब में कौन सी गैस भरी जाती हैं

क्या आप जानते है की LED बल्ब में कौन सी गैस भरी जाती हैं? जिससे रौशनी पैदा होती है। अगर आप यह नहीं जानते तो चलिए इस सवाल का जवाब जानते है। LED bulb बिजली की मदद से रोशनी को उत्पन्न करने के मामले में सबसे नया और बड़ा आविष्कार है। LED bulb आज रोशनी का सबसे किफायती साधन बन चूका है। ये बल्ब सबसे अधिक टिकाऊ माने जाते हैं, क्योकि इनका जीवनकाल लंबा होता है, और यह कम बिजली की खपत भी करते है। 

प्रकाश के लिए इस नए युग के आविष्कार LED का व्यापक उपयोग न केवल हमारे घरेलू बिजली बिल को काफी कम करता है बल्कि बिजली उत्पादन के क्षेत्र में भी यह देश के मूल्यवान संसाधन को भी बचाता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि एलईडी बल्ब की कार्य प्रणाली को समझते हैं, और यह भी जानते की क्या LED bulb में भी गैस का प्रयोग किया जाता हैं। 

LED बल्ब में कौन सी गैस भरी जाती हैं? Which gas is filled in LED bulb?

LED बल्ब में कौन सी गैस भरी जाती हैं? इस प्रश्न का उत्तर है की एलईडी बल्ब में कोई भी गैस भरी हुई नही होती है, क्योकि LED बल्ब मे छोटे-छोटे लाइट इमिटिंग डायोड्स (Light Emmiting Diodes) को Cluster के रूप में प्रयोग किया जाता है। आपने देखा होगा की एलईडी बल्ब में एक आउटर गोलाकार प्लास्टिक केप (Cap) का प्रयोग किया जाता है जो आसानी से अलग हो सकती हैं। इस Cap के अंदर ही एक प्लेट पर बहुत सारे LED लगे होते है।

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LED यानिकि “Light Emitting Diode” जो एक प्रकार का सेमीकंडक्टर है जिसमें बिजली प्रवाहित होने पर फोटॉन के रूप में प्रकाश उत्पन्न होता है। इस प्रक्रिया में, केवल थोड़ी मात्रा में ऊष्मा उत्सर्जित होती है और लगभग सारी विद्युत ऊर्जा प्रकाश में परिवर्तित हो जाती है। यद्यपि LED bulb का उपयोग एक सफेद प्रकाश के रूप में नया है, जबकि ऐसे डायोड का उपयोग कई दशकों से विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में छोटे संकेतक रोशनी के रूप में किया जाता रहा है।

LED bulb में कौन सी गैस भरी जाती हैं? इसका उत्तर अब आपको मिल गया होगा अब LED से सम्बंधित कुछ महत्व्यपूर्ण तथ्यों को जानते है। 

LED bulb में light emitting diode का उपयोग किया जाता है, जिसके कारण पर्याप्त प्रकाश को उत्सर्जित करने के लिए इसे बहुत कम मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, यह शांत सफेद रोशनी पैदा करता है क्योंकि पारंपरिक tungstum filament बल्ब के विपरीत, फिलामेंट के गर्म होने पर लाल उत्सर्जित प्रकाश की आवश्यकता नहीं होती है।

LED bulb कितने घंटे तक चलता है या इसकी लाइफ कितनी लंबी होती है, यह CFL और electric bulb से कितना अधिक चलता है?

LED bulb का जीवन काल 1,00,000 से 2,00,000 घंटे तक का होता है, CFL 15,000 घंटे से 20,000 घंटे तक चलता है और साधारण electric bulb 1000 घंटे से 2000 घंटे तक ही चलता है।        

LED बल्ब में कौन सी गैस भरी जाती हैं?

आज, LED bulb इसी ऊर्जा दक्षता के साथ अपनी उन्नत तकनीक के कारण प्रकाश के सबसे किफायती साधन के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। LED semiconductor तकनीक के उपयोग के कारण, ये बल्ब बेहद टिकाऊ होते हैं और इनका जीवनकाल बहुत लंबा होता है। यह एक प्रकार से अर्धचालक धातु और गैर-चालक जैसे प्लास्टिक या लकड़ी के गुणों वाली सामग्री हैं।

LED bulb में लंबे समय तक फ्यूज जैसी कोई समस्या नहीं होती है और न ही बाहरी सफेद कवर टूट जाने से ये काम करना बंद कर देते हैं। एक LED bulb का गोल हिस्सा जो बाहर से एक सामान्य बल्ब की तरह दिखता है, वह सिर्फ बाहरी आवरण होता है जिसमें LED होती है। इस बाहरी आवरण के टूटने के बाद भी LED चमकती रह सकती है। इसलिए ये बल्ब इस बाहरी आवरण के टूटने पर भी यह प्रकाश देते रहते हैं।

अंत में
  

हमनें इस लेख के माध्यम से आपको “LED बल्ब में कौन सी गैस भरी जाती हैं?” के बारें में सम्पूर्ण जानकारी देने प्रयास किया गया है, हमे पूरी उम्मीद है यह जानकारी आपके लिये काफी उपयोगी साबित होगी। 

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