डार्क वेब किसने बनाया? डार्क वेब हैकिंग से कैसे बचे?

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डार्क वेब

डार्क वेब और डीप वेब देखने में यह दोनों अपने नाम की तरह लगते है – जैसे की यह सतह के नीचे है लेकिन सतह के नीचे होने पर भी वहां पर पूरी तरह से अंधेरा नहीं है। इसके लिए हमे यह समझना होगा की डार्क वेब क्या है? क्योकि Google, Bing, और Yahoo जैसे सर्च इंजन भी केवल दिये गये Websites के लिंक को Search और उन्हें Index करने में ही सक्षम होते हैं। 

Google और Bing जैसे सर्च इंजन केवल Inbound Link और Keywords जैसी चीजों के अनुसार ही Search Results को Rank करने के लिए Link का उपयोग करते हैं। क्योकि नियमित ब्राउज़र मुख्य रूप से तथाकथित “Surface Web” की ही खोज करते हैं, लेकिन डार्क वेब वह जगह है जहाँ पर सर्च खत्म हो जाती है।

डार्क वेब क्या है?

Dark Web in Hindi 

डार्क वेब कुछ इस तरह से है जैसे आप किसी बुक को किसी Public Library Catalogue में खोजना चाहते हैं, और उसके लिये आप उस Book के Title को अपने वेब ब्राउज़र के सर्च बार में टाइप नहीं करते और Google से यह उम्मीद करते हैं कि वह Book के रूप में एक सार्थक परिणाम को दिखाएगा। यह जानकारी का वह स्तर है जहाँ आपकी साहयता केवल डीप वेब ही कर सकता है। 

डार्क वेब क्या है? डार्क वेब हैकिंग कैसे काम करता है? ऐसे बहुत से Question है डार्क वेब के बारे में, जिन्हे हम इस प्रकार समझते है। डार्क वेब उन वेबसाइटों को संदर्भित करता है जो किसी भी Search Engine के द्वारा Index नहीं होते हैं, यानिकि कोई भी Search Engine उन वेबसाइट तक आसानी से नहीं पहुँच सकते है

डार्क वेब को Surface Web से काफी छोटा तथा Deep Web का एक हिस्सा माना जाता है, जैसे किसी जलमग्न हिमखंड का सबसे निचला हिस्सा। हालाँकि, डार्क वेब एक तरह से डीप वेब का एक बहुत ही छुपा हुआ भाग होता है, जिसे कुछ लोग कभी-कभी ही देख पाते है। जो केवल कुछ विशिष्ट सॉफ्टवेयर के साथ ही सुलभ हो पाता है, जिसमें डार्क वेब भी शामिल है

डार्क वेब

डार्क वेब किसने बनाया

क्या डार्क वेब अवैध है इसके लिए Dark Web के निर्माण की प्रक्रिया को समझने से कुछ प्रमुख तथ्यों का पता चलता है जो इसे एक Hidden Space बनाते हैं:

  • डार्क वेब में सर्च इंजन द्वारा कोई भी Web Page Index नहीं होता है। 
  • Google और अन्य लोकप्रिय सर्च इंजन Dark Web के पृष्ठों के परिणामों की खोज या प्रदर्शन को नहीं कर सकते हैं।
  • “Virtual Traffic Tunnels” केवल बुनियादी ढांचे के माध्यम से संभव होता है।
  • डार्क वेब में पारंपरिक ब्राउज़रों के माध्यम से पहुंच मुश्किल होती है, इसके लिए कुछ डार्क वेब ब्राउजर की आवश्यकता होती है। क्योंकि यह Firewall और Encryption जैसे विभिन्न नेटवर्क सुरक्षा उपायों द्वारा छिपे हुऐ होते है।

भारत में डार्क वेब

भारत में डार्क वेब को अक्सर आपराधिक इरादे या अवैध सामग्री, और “ट्रेडिंग” साइटों से जोड़ा जाता है जहां पर उपयोगकर्ता अवैध सामान या सेवाएं खरीद सकते हैं। हालाँकि, कानूनी पक्षों ने इस ढांचे का भी उपयोग किया है। लेकिन जब डार्क वेब के लिए सुरक्षा की बात आती है, तो उस स्थिति में डीप वेब और डार्क वेब के खतरे बहुत अलग होते हैं। 

डार्क वेब हैकिंग  

यदि आप डार्क वेब हैकिंग से बचना चाहते है तो इसके लिए वयवहारिक रूप से यह आवश्यक है, और आप यह सुनिश्चित करे कि आप सुरक्षित रहें, डार्क वेब हैकिंग से आप कुछ युक्तियों द्वारा बच सकते है।

डार्क वेब हैकिंग से बचने के टिप्स

अपने अंतर्ज्ञान पर भरोसा रखें:- डार्क वेब वेबसाईट से बचने के लिए, यदि आप वेब पर स्मार्ट व्यवहार के साथ अपनी सुरक्षा करना चाहते हैं, तो सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक है कि आप यह देखें कि Web पर किससे बात करते हैं और किन वेबसाइट को Search करते हैं। अगर आपको कुछ वेबसाइट सही नहीं लगती है तो आपको हमेशा खुद को ऐसी स्थिति से निकालने के लिए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

वास्तविक जीवन से अपने ऑनलाइन व्यक्तित्व को अलग करें:- उपयोगकर्ता को अपना नाम, ईमेल पता, “वास्तविक नाम,” पासवर्ड, और यहां तक ​​कि आपने क्रेडिड कार्ड का उपयोग बड़ी सावधानी के साथ करना चाहिए। यदि आवश्यक हो तो इसके लिए नए-नए थ्रू अकाउंट और पहचानकर्ता बनाएं।

किसी भी तरह की खरीदारी करने से पहले Prepaid, Unknown Debit Cards को प्राप्त करें। ऐसी किसी भी चीज़ का उपयोग न करें जो आपको पहचानने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है – चाहे ऑनलाइन हो या वास्तविक जीवन में।

डार्क वेब

पहचान और वित्तीय चोरी की सक्रिय रूप से निगरानी करें:- डार्क वेब हैकिंग से बचने के लिए कई ऑनलाइन सुरक्षा सेवाएँ है जो आपकी सुरक्षा के लिए पहचान सुरक्षा प्रदान करती हैं। इन उपकरणों का लाभ लेना सुनिश्चित करें यदि वे आपके लिए उपलब्ध हैं।

स्पष्ट रूप से डार्क वेब फाइल डाउनलोड करने से बचें:- डार्क वेब हैकिंग में Malware के संक्रमण का डर इस छुपे हुए क्षेत्र में काफी अधिक है जो कि डार्क वेब है। Antivirus Program से रियल-टाइम फ़ाइल स्कैनिंग आपको किसी भी आने वाली फ़ाइलों की जांच करने में मदद कर सकती है, जिसे आप डाउनलोड करने का विकल्प चुनते हैं।

किसी भी उपलब्ध नेटवर्क सेटिंग्स में ActiveX और Java को अक्षम करें:- आजकल Internet पर दुर्भावनापूर्ण रूप से कुछ Groups द्वारा डार्क वेब हैकिंग से सुरक्षित रखने के नाम पर और उनका शोषण किया जा रहा है। चूंकि आप इन खतरों से भरे नेटवर्क से गुजर रहे हैं, इसलिए आपको इन जोखिम से बचना चाहिये।

सभी दैनिक गतिविधियों के लिए एक Secondary Non-Administrator Local User Account का उपयोग करें:- अधिकांश कंप्यूटरों के Original Account में डिफ़ॉल्ट रूप से Full Administrative Permission होती है। अधिकांश Malware डार्क वेब हैकिंग के अपने कार्यों को Execute करने के लिए इसका लाभ उठाते है। आप इन Accounts को सीमित विशेषाधिकारों में सीमित करके Hacking की प्रक्रिया को धीमा या रोक सकते हैं।

हमेशा अपने Tor-Enable Device तक पहुंच को प्रतिबंधित करें:- अपने बच्चों या परिवार के अन्य सदस्यों को इससे दूर रखे। यदि आप इसमें रुचि रखते हैं, तो जब आप डीप वेब पर जाएं, तो बच्चों को इसके आस-पास न जाने दें।

डार्क वेब के लाभ 

Benefits of Dark Web  

डार्क वेब लोगों की गोपनीयता बनाए रखने और स्वतंत्र रूप से अपने विचार व्यक्त करने में मदद करता है। कई निर्दोष लोगों के लिए गोपनीयता आवश्यक है जो कई अन्य अपराधियों द्वारा आतंकित होते हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट को ट्रैक करने के लिए Potential Users की बढ़ती प्रवृत्ति सार्वजनिक रूप से ईमानदार चर्चाओं में शामिल होना मुश्किल बना सकती है। वैसे अपराधियों को पकड़ने के लिए डार्क वेब अंडरकवर पुलिस अधिकारियों के लिए संवाद करने का एक सही तरीका है।

डार्क वेब के नुकसान

Disadvantages of Dark Web 

डार्क वेब जहाँ आम लोगों को सशक्त बनाता है, वही कुछ लोग अनिवार्य रूप से इसका दुरुपयोग करते है। डार्क वेब कुछ सबसे खराब अपराधों को करना आसान बना सकता है। उदाहरण के लिए, डार्क वेब और Cryptocurrency का संयोजन सैद्धांतिक रूप से किसी भी बड़े अपराध को करना बहुत आसान बना सकता है। 

डार्क वेब अपने Users के लिए गोपनीयता का वादा करता है, लेकिन इसका उपयोग दूसरों की गोपनीयता का उल्लंघन करने के लिए भी किया जा सकता है। जैसे:- निजी फ़ोटो, मेडिकल रिकॉर्ड और वित्तीय जानकारी को चोरी करके इसे डार्क वेब पर साझा किया जा सकता है।

डीप वेब क्या है?

Deep Web in Hindi 

डीप वेब इंटरनेट की सतह के नीचे का वह हिस्सा है जहा सभी वेबसाइटों का लगभग 96% हिस्सा मौजूद होता है। यह जलमग्न हिमखंड का पानी के नीचे वाला वह हिस्सा है, जो सतह के वेब से बहुत अधिक बड़ा है। वास्तव में, यह छिपा हुआ वेब इतना बड़ा हिस्सा है कि किसी एक समय में कितने पेज या वेबसाइट सक्रिय हैं, इसकी खोज करना लगभग असंभव है।

डीप वेब के इस हिस्से में बड़े Search Engines को मछली पकड़ने वाली नौकाओं की तरह माना जा सकता है जो केवल सतह के करीब वेबसाइटों को ही “पकड़” सकती हैं। जबकि शैक्षिक पत्रिकाओं से लेकर निजी डेटाबेस और इससे अधिक अवैध सामग्री तक, सब कुछ इन सर्च इंजनो की पहुंच से बाहर है। इस डीप वेब की दुनिया में वह भाग भी शामिल है जिसे हम डार्क वेब के रूप में जानते हैं।

डीप वेब के महत्वपूर्ण भाग   

कई समाचार आउटलेट “डीप वेब” और “डार्क वेब” का उपयोग करते हैं, लेकिन Deep Part का अधिकांश हिस्सा पूरी तरह से Legal और Secure है। यहाँ इस डीप वेब के कुछ सबसे बड़े हिस्सों में शामिल हैं:

डार्क वेब

Database:- सार्वजनिक और निजी दोनों रूप से संरक्षित फ़ाइलो का संग्रह जो वेब के अन्य क्षेत्रों से जुड़ा नहीं हैं, वह केवल डेटाबेस के भीतर ही खोजा जा सकता हैं।

Intranet:- उद्यमों, सरकारों और शैक्षिक सुविधाओं के लिए आंतरिक नेटवर्क, जो अपने संगठनों के भीतर निजी तौर पर पहलुओं को Communicate और Controlled करने के लिए उपयोग किए जाते हैं।

सरफेस वेब या ओपन वेब क्या है? 

Open Web या Surface Web मुख्य रूप से Visible Internet की वो सतह है, जो आसानी से हमारी पहुंच में है। यदि हम एक जलमग्न हिमखंड की तरह पूरे वेब की कल्पना करते हैं, तो इसमें Open Web केवल पानी के ऊपर वाला हिस्सा होगा, जो की इस इंटरनेट की दुनिया का केवल 5% हिस्सा ही बनाता है। Google Chrome, Internet Explorer और Firefox जैसे पारंपरिक वेब ब्राउज़रों के माध्यम से आम तौर पर सभी सार्वजनिक वेबसाइटो को यहां खोजा जा सकता हैं। 

ये सभी वेबसाइटों को आमतौर पर “.com” और “.org” जैसे रजिस्ट्री ऑपरेटरों के लेबल के साथ उपलब्ध होती है और उन्हें आसानी से लोकप्रिय सर्च इंजन के द्वारा सर्च किया जा सकता है। इन सभी ओपन वेबसाइटों का पता लगाना संभव होता है क्योंकि Search Engine विज़िबल लिंक के माध्यम से वेब को Index कर सकते हैं (जिसे “Crawling” कहा जाता है)।

अंत में 

हमनें इस लेख के माध्यम से आपको “डार्क वेब किसने बनाया? डार्क वेब हैकिंग से कैसे बचे?” के बारें में सम्पूर्ण जानकारी देने प्रयास किया गया है, हमे पूरी उम्मीद है यह जानकारी आपके लिये काफी उपयोगी साबित होगी। 

यदि इस आर्टिकल से सम्बन्धित आपके पास कोई सुझाव हो तो कमेंट बाक्स के माध्यम से आप उसे हम तक पंहुचा सकते है। आप इस जानकारी को अपने दोस्तों और सोशल मिडिया पर जरूर शेयर करे। आपका धन्यवाद!

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